
-राज्य के सभी 75 जनपद से चयनित शिक्षकों को के. एम. यूनिवर्सिटी मथुरा में किया गया सम्मानित
-जिला पंचायत अध्यक्ष एवं कुलाधिपति किशन चौधरी एवं बीएसए मथुरा ने प्रदान किया सम्मान
-शिक्षा में श्रीमद्भगवद् गीता के उपादेयता पार आयोजित हुई गोष्ठी

मथुरा। स्वप्रेरित, ऊर्जावान टेक्नोसेवी शिक्षकों के स्वतः स्फूर्त समूह एडुलीडर्स द्वारा मथुरा के केएम विश्वविद्यालय में दो दिवसीय शैक्षिक समागम, “शिक्षा में श्रीमद श्रीमद्भगवद् आधारित मूल्यों का समावेश विषयक संगोष्ठी एवं एडूलीडर्स सम्मान समारोह 2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम नवप्रदेश के 75 जनपदों से 175 उत्कृष्ट शिक्षकों को उनके उल्लेखनीय कार्यों हेतु एड़ूलीडर्स सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया।दो कार्यक्रम का उद्घाटन केएम विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं किशन चौधरी, बीएसए श्रीमती रतन कीर्ति एवं एड़ूलीडर्स के संस्थापक राष्ट्रपति पदक प्राप्त शिक्षक डॉ सर्वेष्ट ने किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्राथमिक विद्यालय सिहुरा द्वितीय विकास खण्ड राया जायरा, मथुरा टीम के द्वारा सरस्वती वंदना एवम् दीप प्रज्ज्वलन से हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्री किशन चौधरी ने गुरु की महिमा पर भाव विभोर कर देने संस्मरण,ब्रजभाषा में सुना कर सभी शिक्षकों को प्रोत्साहित किया।

विशिष्ट अतिथि बीएसए मथुरा श्रीमती रतन कीर्ति के द्वारा शिक्षको के पुनर्बलन को बढ़ाया गया एवं सर्वेष्ट सर के पुनीत कार्यों को सराहा गया साथ ही शिक्षकों को प्रोत्साहित किया गया।
डॉ मनोज कुमार वार्ष्णेय प्रवक्ता आगरा ने कहा कि यदि एक शिक्षक बच्चों को योग्य, मुखर, प्रश्न पूछने की क्षमता रखने वाला बनाता है, तो ही वह सफल है। श्रेष्ठा योजना पर चर्चा की।

सीखो सिखाओ फाउंडेशन से आए मनीष जी ने शिक्षकों से अपने नवाचार को साझा करने की बात की ।
श्री अतुल जी, स्वामी विवेकानंद मिशन टीम कन्याकुमारी के सदस्य ने कहा कि बच्चों को हर काम के बदले इनाम का लालच न दिया जाए। तभी हम कुशल नागरिक निर्माण कर पाएंगे।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मथुरा टीम के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति रही।

कार्यक्रम के संयोजक एवं राष्ट्रपति पदक प्राप्त शिक्षक डॉ सर्वेष्ट मिश्र ने प्रदेश के लाखों शिक्षकों एवं छात्रों के लिए टीम एड़ूलीडर्स द्वारा संचालित कार्यक्रमों की जानकारी दी और शिक्षकों के उल्लखेनीय प्रयासों को प्रस्तुत किया। उन्होंने सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में सत्यमेव जयते ट्रस्ट के ट्रस्टी श्री मुकेश जैन, ऋषिकुल इंटरनेशल स्कूल के प्रधानाचार्य मदन मोहन शर्मा, विवेकानंद केंद्र कन्या कुमारी के जीवन व्रती श्री अतुल, डायट आगरा के प्रवक्ता मनोज वार्ष्णेय, सीखो सिखाओ फाउंडेशन के प्रतिनिधि संजीव सिंह, केएम यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ एनसी प्रजापति तथा रजिस्ट्रार डॉ पूरन सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए टीम एड़ूलीडर्स एवं शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम का संयोजन मथुरा के शिक्षक नरेंद्र तिवारी एवं अरविंद शर्मा ने किया। कार्यकम में विनीत पवार, संतोष कुमार, सुधीर राणा, श्वेता सोमवंशी, सुमन गुप्ता, बृजेश गुप्ता, राधे श्याम दीक्षित, सत्यजीत द्विवेदी, प्रीति मिश्रा, रोहित सिंह, नागेंद्र चौरसिया सहित अन्य उपस्थित रहे।

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जिला समन्वयकों ने शैक्षिक गुणवत्ता उन्नयन पर चर्चा
मथुरा। टीम एड़ूलीडर्स द्वारा सेमिनार हॉल में आयोजित जिला समन्वयकों को बैठक में प्रदेश के 75 जनपदों से आए एडूलीडर्स के जिला समन्वयकों की बैठक हुई जिसमें टीम के संस्थापक डॉ सर्वेष्ट मिश्र ने जनपदों में शैक्षिक गतिविधियों को बढावा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सब मिलकर शिक्षकों के क्षमता संवर्धन और विद्यार्थियों के समग्र विकास में अपना योगदान दें।
शिक्षा में श्रीमद भगवद गीता आधारित मूल्यों का समावेशन विषय पर संगोष्ठी का आयोजन
एडूलीडर्स के तत्वावधान में “शिक्षा में श्रीमद्भगवद्गीता के मूल्यों का समावेशन” विषय पर एक अत्यंत महत्वपूर्ण शैक्षिक संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आधुनिक शिक्षा प्रणाली में नैतिक और चारित्रिक मूल्यों की स्थापना के व्यावहारिक पहलुओं पर विचार-विमर्श करना था।

संगोष्ठी में उपस्थित प्रबुद्ध शिक्षाविदों और पैनलिस्टों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आज के अत्यधिक प्रतिस्पर्धी और तनावपूर्ण दौर में छात्रों का सर्वांगीण विकास केवल किताबी ज्ञान से संभव नहीं है। वक्ताओं ने बताया कि गीता का ‘निष्काम कर्म’, ‘स्थितप्रज्ञ’ और ‘ध्यान योग’ का दर्शन छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, एकाग्रता और निर्णय क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए अत्यंत प्रासंगिक है।
चर्चा के दौरान यह निष्कर्ष निकला कि गीता के सार्वभौमिक सिद्धांतों को ‘जीवन कौशल’ और ‘व्यक्तित्व विकास’ के रूप में विद्यालयों की दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।