वेतन पुनरीक्षण, तीन साल से बकाया पीओएल भत्ते, लैपटॉप और बीमा भुगतान की मांग; 5 अक्टूबर तक कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी
मथुरा। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर टीबी कंट्रोल एम्प्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन ने जिला क्षय रोग अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के शीघ्र निस्तारण की मांग की। ज्ञापन में वेतन पुनरीक्षण, सेवा अवधि के आधार पर अतिरिक्त लाभ, बकाया पेट्रोल-ऑयल (पीओएल) भत्ते का भुगतान, लैपटॉप उपलब्ध कराने, बीमा दावों के निस्तारण तथा रिक्त पदों पर भर्ती सहित विभिन्न मांगें उठाई गईं। संगठन ने मांगों पर 5 अक्टूबर 2026 तक ठोस कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
कर्मचारियों ने कहा कि एनटीईपी के सफल संचालन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। टीबी मरीजों की खोज, जांच, उपचार से जोड़ने, नियमित फॉलोअप, रिकॉर्ड अपडेट करने और विभागीय रिपोर्टिंग जैसी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के बावजूद कर्मचारी लंबे समय से वेतन और अन्य सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
संगठन ने करीब दस वर्षों से वेतन का प्रभावी पुनरीक्षण नहीं होने का मुद्दा उठाते हुए महंगाई और कार्य की जिम्मेदारियों के अनुरूप वेतनमान संशोधित करने की मांग की। इसके साथ ही सात, दस, 15 और 20 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को सेवा अवधि एवं वरिष्ठता के आधार पर अतिरिक्त लाभ देने की मांग भी की गई।
ज्ञापन में पात्र कर्मचारियों का लगभग तीन वर्षों से लंबित पीओएल भत्ता जारी करने की मांग प्रमुखता से रखी गई। कर्मचारियों के अनुसार, कार्यक्रम संबंधी गतिविधियों, मरीजों के फॉलोअप और अन्य विभागीय कार्यों के लिए लगातार आवागमन करना पड़ता है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ पड़ता है। इसके अलावा डिजिटल रिकॉर्ड और रिपोर्टिंग के कार्यों को सुचारु रूप से पूरा करने के लिए कर्मचारियों को लैपटॉप उपलब्ध कराने की मांग की गई।
कर्मचारियों ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत पात्र कर्मियों के लिए निर्धारित 30 लाख रुपये के टर्म इंश्योरेंस से संबंधित लंबित दावों का मुद्दा भी उठाया। संगठन ने मांग की कि मृत कर्मचारियों के आश्रित परिवारों को नियमानुसार बीमा राशि दिलाने के लिए लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाए।
विभिन्न जनपदों में एनटीईपी के रिक्त पदों को भरने की मांग करते हुए संगठन ने कहा कि पर्याप्त मानव संसाधन के अभाव में कार्यरत कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार पड़ता है। रिक्त पदों पर भर्ती होने से टीबी मरीजों की पहचान, उपचार की निगरानी और फॉलोअप सहित कार्यक्रम की गतिविधियों को बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी।
एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि निर्धारित समयसीमा तक मांगों पर ठोस और संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने पर 5, 6 और 7 अक्टूबर को डिजिटल कार्य बहिष्कार एवं काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया जाएगा। इसके बाद 8 अक्टूबर से लखनऊ में आंदोलन या धरना-प्रदर्शन शुरू करने की बात कही गई है। आंदोलन की आगामी रणनीति संगठन की संघर्ष समिति द्वारा तय की जाएगी।
कर्मचारियों ने विभागीय अधिकारियों से मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर शीघ्र समाधान करने की अपील की, ताकि कर्मचारियों की समस्याओं का निस्तारण हो सके और राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम का संचालन भी सुचारु रूप से जारी रहे।
ज्ञापन सौंपने के दौरान श्याम सुंदर, पंकज यादव, लोकेंद्र चौधरी, अखिलेश दीक्षित, बिहारीलाल शर्मा, सत्यवीर, अजय शर्मा, अर्जुन, निश्चल, दुष्यंत गुर्जर, प्रदीप कुमार, अमित गौतम और अनूप कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।