हाथरस के धर्माचार्य गोपेश्वर चतुर्वेदी (मनु महाराज) को मिली पीएचडी की मानद उपाधि, उपराष्ट्रपति ने किया सम्मानित

Uncategorized

हाथरस/नई दिल्ली। शहर के वरिष्ठ धर्माचार्य श्री उपेन्द्र नाथ जी महाराज के ज्येष्ठ पुत्र एवं प्रसिद्ध भागवताचार्य गोपेश्वर चतुर्वेदी (मनु महाराज) को आज एक बड़ी उपलब्धि प्राप्त हुई है। नई दिल्ली स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उन्हें पीएचडी की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।

दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भारत के महामहिम उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “जिस प्रकार पौष्टिक भोजन शरीर को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाता है, उसी प्रकार किसी विषय में दक्षता आपके व्यक्तित्व और ज्ञान ग्रहण करने की क्षमता को मजबूत बनाती है।”

समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार भी मौजूद रहे, जिन्होंने संस्कृत की उपादेयता और आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

इस दौरान मुरली मनोहर पाठक, माननीय कुलपति लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, शिवशंकर मिश्र – माननीय कुलपति कालिदास संस्कृत विश्वविद्यालय उज्जैन, एवं श्रीनिवास वानखेड़े – माननीय कुलपति केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय द्वारा स्नातकों को उपाधियां प्रदान की गईं।

उपाधि प्राप्त करने के बाद गोपेश्वर चतुर्वेदी ने बताया कि उनका शोध कार्य संस्कृत विषय में “श्रीमद्भागवतस्थ भक्ति सन्दर्भाणां भक्तिशास्त्रीय गुणतया समीक्षणम्” विषय पर था, जो प्रो. श्री शीतला प्रसाद शुक्ल गुरुजी के मार्गदर्शन में सन् 2024 में पूर्ण हुआ था। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत के पठन-पाठन की सुदीर्घ पारिवारिक परम्परा और संस्कृतमय वातावरण ने ही इस शोध को मूर्त रूप दिया। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपने पूज्य माता-पिता एवं गुरुजनों को समर्पित किया।

Spread the love