मथुरा की प्राचीन रामलीला सभा पर आठ साल से कुंडली मारकर बैठे पदाधिकारी कराएं चुनाव, वरना रामभक्त लेंगे कोर्ट की शरण

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मथुरा, News4live: मथुरा की प्रसिद्ध रामलीला जो करीब 192 साल पुरानी है जिसका एक इतिहास है। भगवान श्री राम की रामलीला का मंचन इसके तहत किया जाता है। और जिसका अपना एक संविधान है उस संविधान के मुताबिक रामलीला सभा का चुनाव हर 3 वर्ष पश्चात होना चाहिए ।3 वर्ष होने के उपरांत भी आज 8 वर्ष हो चुके हैं लेकिन पदाधिकारी पद छोड़ने के लिए तैयार नहीं। ।
अखिल भारत हिंदू महासभा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष और श्री वामन भगवान महोत्सव समिति के कार्यकारी अध्यक्ष पंडित संजय हरियाणा ने बताया की रामलीला सभा के तहत ही राम बारात निकाली जाती है । रामलीला का मंचन श्री कृष्ण जन्म भूमि और चित्रकूट पर किया जाता है और इस ऐतिहासिक रामलीला सभा के पदाधिकारी संविधान के मुताबिक अपनी जिम्मेदारी वहन कर चुके हैं । लेकिन येनकेन प्रकरण इस संस्था का चुनाव नहीं कराना चाहते ।
चुनाव के लिए चुनाव अधिकारी श्री गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी जी का नियुक्ति 6 महीने पूर्व की जा चुकी है। लेकिन उसके पश्चात भी चुनाव न कराया जाना यह दर्शाता है। चुनाव अधिकारी और पदाधिकारी नहीं चाहते कि चुनाव हो । क्योंकि चुनाव से पूर्व बहुत बड़ा घपला रामलीला सभा में करोड़ों रुपये का किया गया है । जिसकी खुलने की उम्मीद चुनाव उपरांत ,नई कमेटी जो बनेगी ,उनसे पदाधिकारीगण को है, इस कारण मन में भय होने के कारण चुनाव को टालते चले आ रहे हैं। जहां दुनिया भर में भीड़ बढ़ रही है वहां हमारे रामलीला स्थल को और बढ़ाने की बजाय उसमें एक ट्रस्ट और बनाकर जिसकी कतई कोई आवश्यकता नहीं थी, फर्जी एक नया ट्रस्ट बनाकर वहां कमरों का निर्माण कराया जा रहा है ।
रामलीला मैदान में कमरों की क्या आवश्यकता है ?रामलीला जैसे पवित्र भूमि पर कमरा बनाकर वहां क्या कार्य किया जाएगा यह किसी से छुपा नहीं है। ऐसी गंदगी फोटो मानसिकता लेकर जो पदाधिकारी चुनाव नहीं कराना चाहते । वह समाज को गलत संदेश तो पहुंचा ही रहे हैं साथ-साथ उनके कारण उनकी ही नहीं वरन रामलीला सभा की छवि को भी धूमिल किया जा रहा है जिसका कतई कोई अधिकार उनको नहीं है। भविष्य में रामलीला सभा की छवि को धूमिल होने से बचाने के लिए चुनाव होना बहुत जरूरी है ।
रामलीला सभा के पदाधिकारी से निवेदन किया गया है। वह 7 दिन में चुनाव कराने के लिए घोषणा करें । वरना संविधान के नियम के मुताबिक भगवान श्री राम के भक्त कोर्ट की शरण लेने को विवस होंगे।

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