उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की पहल पर श्रद्धालुओं को दिलाया जाएगा स्वच्छता का संकल्प
मथुरा। ब्रज केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और विश्व की आध्यात्मिक चेतना का जीवंत केंद्र है। श्रीमद्भागवत, पुराणों और संत साहित्य में वर्णित ब्रज की पावन भूमि सदियों से भक्ति, प्रेम, करुणा और लोकमंगल का संदेश देती आई है। ऐसे दिव्य धाम की स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से संचालित ‘हम सबने यह ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है’ महाअभियान में अब संत समाज, गुरुजन और भागवताचार्यों की सक्रिय भागीदारी होने जा रही है। वे ब्रज दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छता का संकल्प दिलाएंगे तथा ब्रज को स्वच्छ, निर्मल और पवित्र बनाए रखने के लिए प्रेरित करेंगे।
भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी की जन्म एवं लीलास्थली ब्रज में प्रतिवर्ष करीब 10 करोड़ श्रद्धालु दर्शन को आते हैँ। यहाँ मथुरा, वृंदावन, गोकुल, गोवर्धन, बरसाना, नंदगांव, राधाकुंड सहित ब्रज के अन्य प्रमुख तीर्थ क्षेत्रों में अनेक संतों, महंतों और भागवताचार्यों के आश्रम स्थित हैं। जहां श्रद्धालु मंदिरों के दर्शन के साथ इन आश्रमों में सत्संग, भागवत कथा और आध्यात्मिक मार्गदर्शन के लिए भी पहुंचते हैं। इसी व्यापक आध्यात्मिक प्रभाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद अब संत समाज को स्वच्छता अभियान से जोड़ते हुए इन्हें महत्वपूर्ण सहभागी बनाने जा रहा है। यह गुरु महाराज और भागवताचार्य अपने प्रवचनों, सत्संगों और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को यह संकल्प दिलाएंगे कि वे ब्रज में कहीं भी कूड़ा नहीं फैलाएंगे, एकल-उपयोग प्लास्टिक का प्रयोग नहीं करेंगे तथा यमुना तट, कुंडों, घाटों, परिक्रमा मार्गों और सभी धार्मिक स्थलों की स्वच्छता एवं पवित्रता बनाए रखने में सहयोग करेंगे।
श्रद्धालुओं को यह भी बताया जाएगा कि ब्रज की स्वच्छता केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण की सेवा, ब्रज रज का सम्मान और अपनी आस्था के प्रति कर्तव्य है। ब्रज की पवित्रता बनाए रखना प्रत्येक भक्त की धार्मिक जिम्मेदारी भी है।
उल्लेखनीय है कि ‘हम सबने यह ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है’ महाअभियान उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, जिला प्रशासन और नगर निगम द्वारा विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देना तथा ब्रज की आध्यात्मिक गरिमा, सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक पवित्रता को अक्षुण्ण बनाए रखना है।
“ब्रज की पहचान केवल मंदिरों, कुंडों और परिक्रमा मार्गों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहाँ की आध्यात्मिक पवित्रता और सांस्कृतिक चेतना से भी है। ब्रज को स्वच्छ रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। संत समाज, गुरु महाराज और भागवताचार्यों का समाज पर गहरा आध्यात्मिक प्रभाव है। उनके माध्यम से यदि स्वच्छता का संदेश प्रत्येक श्रद्धालु तक पहुंचेगा, तो यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप और अधिक प्रभावी ढंग से प्राप्त करेगा।”
“ब्रज दर्शन के लिए आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु यह संकल्प लेकर जाए कि वह स्वयं भी स्वच्छता का पालन करेगा और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेगा। ब्रज में गंदगी फैलाना केवल पर्यावरण के प्रति लापरवाही नहीं, बल्कि इस पावन धाम की गरिमा और हमारी आस्था के प्रति भी अनुचित आचरण है।”
लक्ष्मी नागप्पन , मुख्य कार्यपालक अधिकारी
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद मथुरा