वृंदावन में राष्ट्रीय वैष्णव (च.सं.) संयुक्त महासम्मेलन-2027 की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक संपन्न

मथुरा । राष्ट्रीय वैष्णव (च.सं.) संयुक्त महासभा, चित्रकूट के बैनर तले आयोजित होने वाले राष्ट्रीय वैष्णव (च.सं.) संयुक्त महासम्मेलन-2027 की तैयारियों के क्रम में 31 जुलाई 2027 को श्री मलूक पीठ गौशाला, गौरनगर, वृंदावन में मलूक पीठाधीश्वर राजेन्द्रदास महाराज के सान्निध्य में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में पूर्ण बैरागी परंपरा के महंत रामसेवक दास महाराज (गंगादास जी की बड़ीशाला, ग्वालियर), महंत जगदीश दास जी महाराज (द्वारकाधीश पीठ, देवलियारी, राजस्थान), महामंडलेश्वर राजेश्वर महाराज (दिल्ली), वृंदावन के रसिक महाराज, रसिया महाराज तथा कथावाचक विष्णु महाराज सहित अनेक संत-महात्माओं ने सहभागिता की। सभी संतों ने वैष्णव संस्कृति एवं संस्कारों के संरक्षण, संगठन की एकता तथा महासम्मेलन के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए और आयोजन को पूर्ण समर्थन एवं सहयोग देने का आश्वासन दिया।
महासभा के गौरवाध्यक्ष, संरक्षक एवं संस्थापक जगद्गुरु रामानन्दाचार्य पदप्रतिष्ठित रामभद्राचार्य महाराज के उत्तराधिकारी एवं महासभा के संयोजक रामचंद्रदास ने चित्रकूट से वीडियो कॉल के माध्यम से उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को आशीर्वचन एवं मार्गदर्शन प्रदान किया।
बैठक में कमांडिंग कमेटी के सदस्य जयन्तीलाल (मुंबई), श्यामसुन्दर (हरिद्वार), आर. के. वैष्णव (मुंबई), महावीर प्रसाद (दिल्ली), उपाध्यक्ष रामचंद्र वैष्णव, सेवानिवृत्त आईएएस डॉ. राज वैष्णव तथा डीसीपी मुकुंद बिहारी वैष्णव ने भी अपने सुझाव एवं विचार रखे।
महासभा के कार्यदर्शी महेंद्र वैष्णव (तुमकुर) ने सहकार्यदर्शी प्रदीप रामावत, परमानंद स्वामी एवं राजेश मूर्तिवाले के साथ महासम्मेलन के उद्देश्य, कार्ययोजना एवं संगठनात्मक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। वृंदावन के मनोज कुमार शर्मा ने बैठक की व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
बैठक के समापन अवसर पर राजेन्द्रदास महाराज ने कहा कि वैष्णव समाज संतों और सनातन की परंपरा को आज भी जीवित रखे हुए हैं । यह बडी बात है । उन्होंने घोषणा की कि राष्ट्रीय वैष्णव (च.सं.) संयुक्त महासम्मेलन जयपुर में आयोजित होगा। 12 मार्च 2027 को कमांडिंग कमेटी, कार्यकर्ताओं एवं स्वयंसेवकों की बैठक तथा 13 एवं 14 मार्च 2027 को मुख्य महासम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर महासम्मेलन की आधिकारिक वेबसाइट एवं ऑनलाइन पंजीकरण के लिये मोबाइल ऐप का भी शुभारंभ किया गया।
बैठक में उपस्थित देशभर से आए वैष्णव समाज के संत-महात्माओं एवं प्रतिनिधियों ने एक स्वर में महासम्मेलन को सफल बनाने हेतु तन, मन एवं धन से सहयोग देने का संकल्प व्यक्त किया ।