मथुरा। जिस प्रकार जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा छात्रों के सर्वांगीण विकास से लेकर रोजगारपरक बनाने में आगे रहता है, ठीक उसी प्रकार समाज सेवा में भी विश्वविद्यालय ने उत्कृष्ट कार्य किए है। अब कृष्ण भक्त रसखान की समाधि को पर्यटन की दृश्टि से विकसित करने का उत्तरदायित्व भी लिया है। इसका अवलोकन उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने किया।
मंगलवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान एवं गौ अनुसंधान विश्वविद्यालय से सीधे रसखान समाधि पहुंची। उत्तर प्रदेष की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने रसखान समाधि का अवलोकन किया। जहां उनका स्वागत जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफीसर नीरज अग्रवाल, चीफ फाइनेंस ऑफीसर विवेक अग्रवाल एवं प्रतिकुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने किया। इस दौरान राज्यपाल को अवगत कराते हुए प्रतिकुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने कहा कि विश्वविद्यालय ने रसखान समाधि, ताज बीबी और कुसुम सरोवर को उत्तर प्रदेश सरकार की मोन्यूमेंट मित्र योजना (स्मारक मित्र) के तहत पांच वर्ष के रख-रखाव एवं टूरिस्ट प्लेस में विकसित करने का जिम्मा लिया है। इस बारे में जानकर राज्यपाल काफी हर्षित नजर आयीं। वह समाधि स्थल का विस्तार एवं वहां व्याप्त शांति से काफी प्रभावित हुईं।
प्रतिकुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने बताया कि जीएलए ब्रज तीर्थ विकास परिषद और पुरातत्व विभाग से समझौता कर पांच साल की देखरेख के लिए रसखान समाधि, ताज बीबी और कुसुम सरोवर का उत्तरदायित्व लिया है। इस समझौते के तहत तीनों जगह भक्ति एवं पर्यटन की नजर से बहुत महत्वपूर्ण हैं। आगामी समय में इन तीर्थ स्थलों की ओर भक्त एवं पर्यटकों को आकर्शित करने के लिए पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जायेगा। जिससे कि यहां देश एवं विदेशों से आने वाले श्रद्धालु कृष्ण भक्ति और रसखान के जीवन से कृतार्थ हों।
दोबारा आना पसंद करूंगी : राज्यपाल
रसखान समाधि को निहार कर और वहां सुसज्जित व्यवस्थाओं को देखकर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल खुश नजर आयीं। इसके बाद उन्होंने कहा कि बहुत अच्छा अनुभव रहा। काफी अच्छे से अनुरक्षण किया हुआ है। यह अद्भुत स्थल है। कृष्ण भक्ति का बेजोड़ उदाहरण है। दोबारा आना पसंद करूंगी।
‘ब्रज रहे सुंदर मेरा…
ब्रज रहे सुंदर मेरा’ के तहत जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा कई वर्ष से उज्जवल ब्रज के बैनर तले गोवर्धन परिक्रमा मार्ग में साफ-सफाई के अलावा वहां भगवान श्रीकृश्ण के विभिन्न लीलाओं में चित्रों को उकेरा है। साथ ही मथुरा जंक्षन की साफ-सफाई का जिम्मा उठाकर जीएलए की टीम सुंदर बनाने का कार्य कर रही है।