कोरोना: व्यायाम-योगा एवं जीवन शैली बदलकर भगाएं ब्लड प्रेशर

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विश्व रक्तचाप दिवस
-हाई वीपी से हार्ट अटैक, लकवा, आंखों की रोशनी, किडनी समस्या संभव
-ब्लड प्रेशर से बचने के लिए योगा, व्यायाम के साथ दवा भी जरूरी, नियमित चेकअप
मथुरा। तेजी से बदलती जीवन शैली एवं स्वास्थ्य के प्रति अनदेखी से लोग ब्लड प्रेशर की समस्या से ग्रसित हो रहे हैं। इसमें युवा वर्ग भी शामिल है। तनाव, गलत खानपान, बदलती लाइफ स्टाइल आदि इसके मुख्य कारण हैं। इससे बचने के लिए ना केवल सही खानपान बल्कि दिनचर्या भी सही रखनी होगी। व्यायाम एवं प्राणायाम जरूरी है। उच्च रक्तचाप साइलेंट किलर है,जिससे स्वास्थ्य गड़बड़ा सकता है। हार्ट अटैक,लकवा,आंखों की रोशनी जाना,किडनी समस्या संभव है। कोरोना काल में यह समस्या बढ़ी है।
प्रतिवर्ष 17 मई को ‘वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे’ मनाया जाता है। इस दिन लोगों को हाइपरटेंशन के प्रति जागरूक किया जाता है। हाइपरटेंशन किसी भी उम्र के लोगों को हो सकता। हाई ब्लडप्रेशर या हाईपरटेंशन का खतरा महिलाओं से ज्यादा पुरुषों में होता है।

कोरोना काल में लोग हुए बेरोजगार
मथुरा। कोरोना काल में जिनकी नौकरी छूटीं ,वह भी इसकी चपेट में आने लगे हैं। घर में खाली बैठे दिमागी टेंशन बढ़ रही है। आर्थिक नुकसान भी इसका कारण है।

युवा वर्ग भी आ रहा बीमारी की चपेट में
मथुरा। आजकल 18 साल से 50 वर्ष के लोग हाइपरटेंशन के अधिक शिकार हैं। इसका कारण दिमागी टेंशन के अलावा रोजमर्रा की जिंदगी में हमें तमाम तरह की मीठी-कड़वी बातों से दो-चार होना पड़ता है। ऐसे में गुस्सा आना स्वाभाविक है। लेकिन गुस्सा अगर लत का रूप ले लें तो परेशानी संभव है। इसके लिए जरूरी यह है कि अपने गुस्से की सही वजह को पहचाना जाए और उन पर नियंत्रण रखा जाए।

ऐसे की जा सकती पहचान
-ब्लड प्रेशर बढ़ने से सिर में दर्द,चक्कर आना,आंखों में भारी पन आदि लक्षण हो सकते हैं। कभी-कभी लक्षण नही होते और जांच करने से पता चलता है। 140/ 90 से ऊपर वीपी है तो हाई ब्लड प्रेशर कह सकते हैं।

ब्लड प्रेशर को ऐसे कर सकते कंट्रोल
-दिनचर्या सही रखनी होगी। कम सोडियम लें जो स्टेज एक उच्च रक्तचाप में बेहद फायदेमंद है। वजन कम करें और इसे बनाए रखें। अल्कोहल का सेवन न करें। योग, प्राणायाम और व्यायाम जैसे एक्सरसाइज को नियमित रूप से करें।

इसके सेवन से मिलता लाभ
–नींबू, संतरा और अंगूर जैसे खट्टे फलों में ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने की क्षमता होती है। कई तरह के विटामिन और मिनरल से भरपूर ये फल हृदय रोगों के जोखिम को कम करते हैं। चिकित्सकों के अनुसार संतरे और अंगूर का जूस पीने से ब्लड प्रेशर के खतरे को टाला जा सकता है।

—दूध में मौजूद पोटैशियम, कैल्शियम, विटामिन डी और फॉस्फोरस जैसे तत्व हाई बीपी को कंट्रोल करने में मददगार हैं। इसमें पोटैशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो रक्तचाप को तो संतुलित रखता ही है।

कोरोना काल में ब्लड प्रेशर के मरीज नियमित जांच कराते रहें। घर पर मशीन रख सकते हैं। खाने में नमक एवं चिकनाई का प्रयोग कम करें। धू्रमपान,शराब,तम्बाकू से बचें। वजन कंट्रोल करें। नियमित दवा के साथ चिकित्सकीय परामर्श जरूरी है। 35 साल से ऊपर के लोगों को नियमित जांच करानी चाहिए।
–डा.आशीष गोपाल, पूर्व सचिव आईएमए

बीमारी से बचने के लिए लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना पड़ेगा। हाई ब्लड प्रेशर को हल्के में न लें। अन्यथा जान जोखिम में पड़ सकती है। बात-बात पर गुस्सा करने से हमारी सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। देखा गया है कि जो व्यक्ति गुस्सा नहीं करते, वो कम बीमार होते हैं। ब्लड प्रेशर के रोगी नियमित जांच कराते रहें। ब्लड प्रेशर गड़बड़ हो रहा है तो चिकित्सकीय परामर्श जरूरी है।
डा.गौरव भारद्वाज, उपाध्यक्ष आईएमए उपाध्यक्ष

शरीर एवं दिमाग को सही रखने के लिए वीपी का कंट्रोल रखना बहुत जरूरी है। वीपी कंट्रोल न रहने पर ब्रेन स्ट्रोक एवं लकवे की संभावना बढ़ जाती है। इमरजेंसी स्थिति में ब्रेन हेमरेज एवं नस फटने पर ऑपरेशन पड़ता है। ऐसे मरीज ओपीडी में आते हैं।
डा.प्रेम पाल भाटी, न्यूरो सर्जन,सिटी हॉस्पिटल

गर्भ धारण के बाद गर्भवती महिलाओं में बदलाव आता रहता है। ब्लड प्रेशर की समस्या हो जाती है। गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए वीपी कंट्रोल रखना आवश्यक है। नियमित चेकअप एवं दवा लें। दिमाग को स्वस्थ रखें और वजन कंट्रोल रखें। टीवी-चैनल पर अच्छे कार्यक्रम देखें।
-डा.आरती गुप्ता, वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ, राधेश्याम हॉस्पिटल

उच्च रक्तचाप आंख के पर्दे की रक्तवाहिनियों को नुकसान पहुंचता है। पर्दे की सूक्ष्म नसों से उच्च रक्तचाप के कारण खून रिसना एवं पर्दे पर सूजन की समस्या हो सकती है। अचानक नजर कम होने एवं टेड़ामेढ़ा दिखने की शिकायत होती है। समय रहते उचित उपचार न करवाने से काला पानी होने एवं हमेशा के लिए नजर जाने का खतरा रहता है। परेशानी होने पर तुंरत चेकअप कराएं।
डा. मुकेश जैन, नेत्र रोग विशेषज्ञ, पूर्व अध्यक्ष आईएमए

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