लाॅकडाउन को एक साल: जीएलए के कुलाधिपति बोले, संक्रमण से अब भी बचाव जरूरी

देश यूथ

-सुरक्षा के हित में जनता कर्फ्यू और लाॅकडाउन के निर्णय हमेशां याद रहेंगे: नारायण दास
मथुरा। सम्पूर्ण लाॅकडाउन की अवधि को भले ही एक वर्ष बीत चुका हो, लेकिन अभी भी संक्रमण का खतरा टला नहीं है। महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, गुजरात जैसे प्रदेशों के कई जिलों में स्थिति भयावह है। ऐसी स्थिति से ही निपटने के लिए सतर्क और सुरक्षित रहने की आवश्यकता है।
संक्रमण से सुरक्षा के हित में छात्रों और ब्रजवासियों को यह संकेत जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल ने सम्पूर्ण लाॅकडाउन होने की अवधि के एक वर्ष बीत जाने की याद करते हुए दिए। कुलाधिपति ने कहा कि 22 मार्च 2020 को जनता कर्फ्यू प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक अच्छी पहल थी, जिसका सभी देशवाशियों ने स्वागत करते हुए भलीभांति अपने घर में रहकर अच्छा सन्देश दिया। इसके बाद संक्रमण की स्थिति से किसी प्रकार से बचाव हेतु प्रधानमंत्री ने 25 मार्च 2020 से सम्पूर्ण लाॅकडाउन की घोषणा कर दी।
आज उसी लाॅकडाउन की अवधि को एक वर्ष बीत चुका है। केन्द्र सरकार के देशवाशियों के बचाव हेतु दिए गए निर्देश और किए गए सराहनीय कार्य हमेशां जनता को याद रहेंगे। जनता कर्फ्यू और लाॅकडाउन के दिन ऐसे दिन हैं जो कभी भूले भी भुलाये नहीं जा सकते, लेकिन आज और अब भी हम सभी को सतर्कता बरतने की जरूरत है, क्योंकि खतरा अभी टला नहीं है सावधानी बरतने अधिक जरूरत है। छात्र-छात्राओं और ब्रजवासियों से आग्रह करते हुए कहा कि सुरक्षा के हित में मास्क और दूरी बहुत जरूरी है और वैक्सीन लगवाने से बिल्कुल परहेज न करें।
उन्होंने बताया कि जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा ने अपने छात्रों के लिए ऑनलाइन/ऑफलाइन क्लासेस भी चला रखी हैं, जिससे छात्रों को घर बैठे भी शिक्षा मिल सके। इसके अलावा छात्रों को रोजगार के लिए भी कंपनियां ऑनलाइन छात्रों से रूबरू होकर छात्रों को चयनित कर रही हैं।

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