अब देश-विदेश में गूँजेगा ब्रज की भगतलीला का नक्कारा- आचार्य डॉ. खेमचन्द यदुवंशी

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● उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, प्रयागराज द्वारा मथुरा में पहली बार आयोजित हुआ भगतलीला-प्रशिक्षण शिविर।
● अन्तर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त लोकनाट्य विशेषज्ञ संगीताचार्य डॉ. खेमचन्द यदुवंशी को NCZCC ने नियुक्त किया भगतलीला-प्रशिक्षक।

मथुरा। “एक जमाना था जब मथुरा में 13,आगरा में 20, वृन्दावन में 7 हाथरस में 5 भगतलीला के परम्परागत अखाड़े हुआ करते थे किन्तु अब केवल मथुरा में मात्र एक अखाड़ा ही शेष बचा है, बाकी सभी धीरे धीरे समाप्त हो गए हैं। ऐसे में विलुप्तीकरण के कगार पर खड़े ब्रज के अतिप्राचीन लोकनाट्य को यह भगतलीला-प्रशिक्षण शिविर संजीवनी प्रदान करेगा ” उक्त पंक्तियां आकाशवाणी मथुरा-वृंदावन के निवर्तमान केन्द्र निदेशक सर्वेश कुमार ने कृष्णा नगर स्थित होटल मुकुन्द रिसॉर्ट्स के सभागार में उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, प्रयागराज द्वारा मथुरा में पहली बार आयोजित 185 दिवसीय भगतलीला-प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में कह कर प्रशिक्षणार्थियों का उत्साहवर्धन किया।


इससे पूर्व अतिथियों ने राधा-कृष्ण की युगलछवि पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित किया, ऋतुराज यदुवंशी व होतीलाल पाण्डेय ने भगत शैली में निबद्ध राधा की वंदना-
‘श्री राधे वृषभानुजा करो कृपा की कोर’ प्रस्तुत की, प्रद्युम्न यदुवंशी ने सभी का स्वागत-सत्कार किया।


तदोपरान्त अखाड़ों के उस्ताद-खलीफाओं के सानिध्य में यदुवंशी भगतलीला अखाड़े के वरिष्ठ गुरु व प्रशिक्षण शिविर के प्रशिक्षक संगीताचार्य डॉ. खेमचन्द यदुवंशी द्वारा गोपाल चतुर्वेदी, ऋतुराज यदुवंशी, प्रद्युम्न यदुवंशी, कन्हैया लाल, बाँके लाल पाण्डेय, अल्ताफ राजा, कन्हैया लाल पाण्डेय, शिखा पाठक, रेखा उपाध्याय, कामिनी पाण्डेय आदि प्रशिक्षणार्थियों का परम्परागत रूप से वर्ण-बंधन व मुँह भराई रश्म पूर्ण की गई।

तदोपरांत डॉ. यदुवंशी ने भगतलीला के ऐतिहासिक पक्ष व छन्द विधान पर संक्षिप्त प्रकाश डालते हुए बताया कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य विलुप्त होते हुए लोकनाट्य भगतलीला का संरक्षण,सम्वर्धन व प्रचार-प्रसार करना है, यह प्रशिक्षण छह माह तक अनवरत चलेगा जिसमें भगतलीला के गायन पक्ष के मूलरूप को यथावत रखते हुए अभिनय व नृत्य में आवश्यकतानुसार आधुनिकता के परिवेश का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा तदोपरांत इन प्रशिक्षणार्थियों के द्वारा देश विदेश में गूँजेगा ब्रज की अतिप्राचीन भगतलीला का नक्कारा।”

अध्यक्षता मनियां भट्ट लाल दरवाजा मथुरा के वरिष्ठ खलीफा ओम प्रकाश कुशवाह ने की तथा विशिष्ट अतिथि रहे यदुवंशी अखाड़े के खलीफा पं. होतीलाल पाण्डेय व ग्वालियर घराने के सुप्रसिद्ध संगीतज्ञ मज़ीद खान।

आयोजन का संचालन डॉ. दीपक गोस्वामी ने किया तथा डॉ. मुकेश शर्मा द्वारा सभी के प्रति आभार प्रकट किया गया।

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