-स्मार्ट मीटर गुणवत्ता परक मीटर, जांच में ओके
-किसी को शिकायत है तो लगवा सकते चेक मीटर

मथुरा। मथुरा जोन के चीफ इंजीनियर राजीव गर्ग ने कहा कि स्मार्ट मीटर गुणवत्ता परक मीटर है। जांच में स्मार्ट एवं चेक मीटर की रीडिंग एक समान मिली हैं। लोगों को भ्रांतियां हैं कि यह मीटर तेज चलते हैं लेकिन ऐसा नहीं है। स्मार्ट मीटर नई पीढ़ी के ऐसे मीटर हैं, जो बिजली की खपत की आधतन जानकारी बिना किसी मैन्युअल हस्तक्षेप के देता है, जो खुद उपभोक्ताओं के उपभोग को रिकॉर्ड कर वायरलेस नेटवर्क के माध्यम से बिलिंग सिस्टम को डाटा भेजता है। इससे वास्तविक समय में ऊर्जा खपत की जानकारी मिलती है।
उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं की सुविधा एवं सुरक्षित ऊर्जा भविष्य के दृष्टिगत मथुरा जनपद में उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा रहे हैं। मथुरा में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों के सापेक्ष पांच प्रतिशत पूर्व में स्थापित मीटरों को चेक मीटर मानते हुए स्मार्ट मीटरों के साथ ही स्थापित किया गया। सैम्पल के तौर पर स्मार्ट मीटर और पुराने मीटर की खपत का तुलनात्मक अध्ययन करने पर इन सभी स्मार्ट मीटरो की खपत मानकों के अनुसार पाई गई। यदि किसी को लगता है रीडिंग में अंतर है तो चेक मीटर लगवा सकते हैं। संबंधित एसडीओ या एक्सईएन से संपर्क करें। मथुरा जोन में दो लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगने हैं। इसकी प्रक्रिया चल रही है।

गलत बिल आने की समस्या से मुक्ति
अधीक्षण अभियंता विजय मोहन खेड़ा के अनुसार इससे उपभोक्ता अपनी ऊर्जा खपत का स्वयं नियंत्रण कर सकता है। साथ ही गलत बिल से छुटकारा, हर माह रीडिंग कराने से छुटकारा, मोबाइल ऐप द्वारा मीटर को रिचार्ज करने की सुविधा, बिजली बिल पर लगने वाले लेट फीस से छुटकारे का फायदा मिलता है। उपभोक्ता अपना बिल स्वयं देख सकता है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद गलत बिल आने की समस्या से मुक्ति मिलेगी। सभी उपभोक्ताओं से अधिक से अधिक नए स्मार्ट मीटर लगवा कर उक्त लाभ लेने की अपील की गई। 50 हजार से अधिक मीटर लग चुके हैं।