बिना एस्कॉर्ट के मीटिंग करने पहुंचे डीएम, ईंधन बचाने की अनोखी पहल

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मथुरा/ जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह गुरुवार को बिना एस्कॉर्ट गाड़ी के कलेक्ट्रेट स्थित सभागार पहुंचे, जहां पर सीएम डैशबोर्ड/ ग्राम्य विकास/ विद्युत/ लोक निर्माण/पंचायती राज/ शिक्षा/ समस्त कल्याण विभाग/ वन/ उद्योग/श्रम/ नियोजन विभाग/ कृषि/सिंचाई /उद्यान/ मस्य / लघु सिंचाई। सहकारिता / दुग्ध एवं पशुपालन विभाग / 50 लाख से अधिक लागत की परियोजनाओं की मासिक समीक्षा बैठक ली।
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार पूल के माध्यम से एक से अधिक अधिकारी एक साथ कार्यालय आए। उन्होंने कलेक्ट्रेट के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को वाहनों का कम प्रयोग करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने ब्लॉक एवं तहसील के अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि डीज़ल एवं पेट्रोल का न्यूनतम प्रयोग करे और अन्य लोगों को भी प्रोत्साहित करे।
बैठक में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिकाधिक लोगों को स्व-गणना हेतु प्रेरित करे।।उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को अपने टारगेट/ लक्ष्य को पूर्ण करने के निर्देश दिए। दिनांक 7 मई 2026 से 21 मई 2026 तक आम-जनमानस द्वारा स्वगणना पोर्टल के माध्यम से अपनी गणना ऑनलाइन की जा सकती है, जिसका लिंक se.census.gov.in है। प्रदेश में जनगणना का प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य दिनांक 22 मई 2026 से 20 जून 2026 के मध्य संपादित किया जाएगा।
सी0एम0 डैशबोर्ड के अंर्तगत विकास कार्यों में खराब रैंकिंग से संबंधित विभागों के प्रगति तथा रुपए 50 लाख से अधिक लागत की अपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा बैठक करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को रैंकिंग में अपेक्षित सुधार लाने तथा निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सी0एम0 डैशबोर्ड पर प्रदर्शित विभिन्न विभागीय योजनाओं और विकास कार्यों की बिंदुवार समीक्षा कर कहा कि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड शासन की प्राथमिकताओं से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से प्रदेश सरकार द्वारा विकास कार्यों की नियमित निगरानी की जाती है। ऐसे में किसी भी विभाग की खराब रैंकिंग जनपद की समग्र प्रगति को प्रभावित करती है। उन्होंने समस्त अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जिन विभागों की रैंकिंग अपेक्षाकृत कम है, वे अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करें तथा लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराएं। उन्होंने कहा कि सीएम डैशबोर्ड पर दर्ज आंकड़ों का समयबद्ध एवं सही अपडेट सुनिश्चित किया जाए, ताकि योजनाओं की वास्तविक प्रगति परिलक्षित हो सके। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध रूप से पहुंचाया जाए। कार्यों में लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना में लाभार्थी को समयबद्ध भुगतान कराये जाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने फैमिली आई0डी0 कार्ड बनवाने हेतु संबंधित विभागों को अभियान चलाकर कार्य को पूर्ण करने के निर्देश दिए। सैम/मैम बच्चों का चिन्हीकरण करने एवं उनका वजन/माप कर डाटा त्रुटिरहित पूर्ण पोर्टल पर फीड करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने जनपद में 50 लाख से अधिक लागत की निर्माणाधीन परियोजनाओं के संबंध में कार्यदायी संस्थाओं से प्रगति की समीक्षा कर संबधित कार्यदायी संस्थाओं को अपूर्ण निर्माण कार्यों को समयावधि के अंतर्गत गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं से कहा कि यदि किसी भी प्रकार की समस्या आ रही है, तो उसे अवगत करायें, जिससे कि समय रहते हुए उस समस्या का समाधान किया जा सके, लापरवाही पाये जाने पर संबंधित के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को कार्यदायी संस्थाओं द्वारा किये जा रहे कार्यों में अनावश्यक विलम्ब होने पर पेनल्टी / ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए।

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