हाथरस के बच्चे विश्व पटल पर स्थापित करेंगे नया कीर्तिमान- आचार्य डॉ. खेमचन्द यदुवंशी शास्त्री

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● लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान (संस्कृति विभाग) लखनऊ द्वारा हाथरस में लोकविधाओं के संरक्षण हेतु सृजन प्रशिक्षण-शिविर का भव्यता पूर्वक हुआ समापन।
● लक्ष्मी नगर स्थित सेन्ट आर. एच. कॉन्वेन्ट स्कूल में दस दिनों तक 39 बच्चों ने सीखे पारम्परिक विवाह के संस्कार-गीत।

हाथरस। “हाथरस को जिस प्रकार पं. नथाराम गौड़ व काका हाथरसी ने अपने समय में सङ्गीत कला व संस्कृति के माध्यम से विश्वपटल पर स्थापित किया था उसी प्रकार अब हाथरस के बच्चे भी वैश्विक स्तर पर एक उच्च स्तरीय नया इतिहास रचेंगे।”

उक्त वक्तव्य के द्वारा उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान (संस्कृति विभाग) लखनऊ द्वारा हाथरस में लोकविधाओं के संरक्षण हेतु 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के समापन सत्र के मुख्य अतिथि के रूप में पधारे अन्तर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त लोकनाट्यविद साहित्यकार आचार्य डॉ. खेमचन्द यदुवंशी शास्त्री ने प्रशिक्षण शिविर के समापन अवसर पर प्रतिभागी बच्चों का उत्साह वर्धन कर उनके उज्ज्वल भविष्य हेतु वैश्विक स्तर पर कीर्तिमान स्थापित करने के महत्वपूर्ण टिप्स भी दिए।

इससे पूर्व अतिथियों ने माँ सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन करते हुए प्रशिक्षण शिविर के प्रतिभागी 39 बालक-बालिकाओं को प्रमाण-पत्र वितरित कर शुभाशीर्वाद प्रदान किया।

प्रशिक्षण में इन बच्चों ने सीखे भारतीय लोकसंगीत के गुण:-

नंदिनी गौड़, पायल गौड़, पुनीत उपाध्याय, प्रद्युम्न यादव, करिश्मा कुशवाह, दिव्यांशी शर्मा, उर्वशी शर्मा, अयान अली, इशिता शर्मा, भव्य शर्मा, सत्यप्रकाश, मोहित, प्रदीप, गुड्डन, ऋचा उपाध्याय, मोहिनी भास्कर, मनीषा वार्ष्णेय, ऋतुराज यादव, सागर उपाध्याय, सक्षम उपाध्याय, प्रिंसी चौधरी, आर्वी गुप्ता, महक कश्यप, परी, वरुण कुमार, बिलाल अहमद, प्रिंस कुमार, जीशान अहमद, अभय कुमार, ध्रुव कुमार, फ़ैज़ मलिक, असद खान, रितिक कुमार, आकाश सिंह, जतिन कुमार, जया कुमारी, चंचल कुमारी आदि।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रबंधक एडवोकेट अजय किशोर गौड़ एडवोकेट द्वारा की गई । इस अवसर पर अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में राष्ट्रीय कवि संगम के प्रांत प्रभारी- आशुकवि अनिल बोहरे तथा विशिष्ट अतिथि रहे संस्कार भारती हाथरस के अध्यक्ष चेतन उपाध्याय।

संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश शासन द्वारा नियुक्त प्रशिक्षिका ज्योति गौड़ (प्रपौत्र वधु पं. नथाराम गौड़ हाथरसी) ने बताया कि सरकार द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण में हाथरस के बच्चों ने अपनी सांस्कृतिक विरासत लोक संगीत की विधा संस्कार-गीतों को गहराई से सीखा व समझा और सदियों से चले आ रहे पारम्परिक विवाह गीतों को अब वह देश-विदेश में पुनर्स्थापित कर हाथरस का नाम रोशन करेंगे।
इसी श्रृंखला में सुकवि श्याम बाबू चिंतन,पूरन सागर,अजय किशोर गौड़,चेतन उपाध्याय,जीवनलाल शर्मा,ए. आर. शर्मा,चौधरी जयवीर सिंह आदि विद्वतजनों ने प्रतिभागियों को अपना आशीर्वाद प्रदान किया।

कार्यक्रम का सफल संचालन सुप्रसिद्ध साहित्यकार व राष्ट्रीय आशुकवि अनिल बोहरे द्वारा किया गया तथा विद्यालय की प्राचार्या प्रमिला गौड़ ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

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