हेमामालिनी ने संसद में कहा, खत्म हों किसान क्रेडिट कार्ड की परेशानियां

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लोकसभा में सांसद ने क्षेत्रीय किसानों की परेशानियों और सुझावों को लेकर उठाई आवाज
मथुरा। सांसद हेमामालिनी ने किसान क्रेडिट कार्ड को लेकर किसानों को आ रहीं दिक्कतों का संज्ञान लेते हुए मंगलवार को संसद में इस विषय में सवाल उठाया। सांसद ने अपने क्षेत्रीय किसानों के सुझाव के आधार पर किसान क्रेडिट कार्ड को लेकर विभिन्न खर्चों को समाप्त करने की मांग की है। कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने सांसद के सवाल का जवाब देते हुए बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड को लेकर विभिन्न शुल्क समाप्त कर दिए गए हैं।

मंगलवार को लोकसभा में हेमा मालिनी ने कहा कि मेरा सवाल किसान क्रेडिट कार्ड से संबंधित हैं। मेरे संसदीय क्षेत्र के किसान इस कार्ड से खुश हैं लेकिन उनकी एक मांग है कि किसान क्रेडिट कार्ड बनाने के दौरान बैंक द्वारा सलाना जांच के लिए एक एडवोकेट को नियुक्त किया जाता है। जिसकी फीस भी किसानों को देना पड़ता है। जिसे वो बंद कराना चाहते हैं, उनकी मांग है कि इसे ऑनलाइन किया जाए। इसके अलावा किसानों का कहना है कि लोकल बैंक से जो नो ड्यूज लेने को कहा जाता है, विजिट चार्ज, प्रोसेसिंग फी और फाइल चार्जेज किए जाते हैं उसे समाप्त किया जाएं। किसानों से एफिडेविट लिया जाए। सांसद ने कृषि राज्यमंत्री से कहा कि हमारे क्षेत्र के किसान के इस सुझाव पर ध्यान दें।
हेमामालिनी के सवाल पर कैलाश चौधरी, राज्य मंत्री, कृषि और किसान कल्याण ने जवाब दिया कि किसान क्रेडिट कार्ड योजना जो किसानों को लिए शुरू की गई है। उनको आरबीआई की गाइडलाइंस की तरह सुविधा दी जाती है। ऐसे किसानों से जो शुल्क वसूला जाता था, वो शुल्क खत्म कर दी गई है। ऑनलाइन की जहां तक बात है तो जो नए किसान हैं, उन नए किसानों को अपनी फाइल सबमिट करनी है, वो ई मित्र या सेंटर के जरिए ऑनलाइन फॉर्म भरकर ऐसा कर सकते हैं। किसान क्रेडिट कार्ड के तहत किसान के साथ पशुपालकों भी शामिल किया गया है। कोरोना पीरियड के दौरान भी 3 करोड़ किसानों को जोड़ने का काम हुआ है। कृषि राज्यमंत्री ने बताया कि सांसद हेमामालिनी के क्षेत्र में के अंदर भी विशेष अभियान चलाकर इससे पशुपालकों को जोड़ा गया है।

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