ब्रज तीर्थ विकास परिषद, पर्यटन विभाग और भारतेंदु नाट्य अकादमी लखनऊ द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित कराई रंग कार्यशाला का समापन
04 से 28 जून तक वृंदावन के गीता शोध संस्थान में आयोजित हुई बाल रंग कार्यशाला में चार दर्जन बालक- बालिकाओं ने सीखे अभिनय की गुर

वृंदावन। ब्रज के अमर शहीद राजा देवी सिंह के क्रांतिकारी जीवन पर तैयार नाटक का मंचन कर बच्चों ने अपनी अभिनय प्रतिभा से सभी आत्ममुग्ध कर दिया।
बुधवार सांय यह भव्य मंचन बाल रंग कार्यशाला के समापन पर वृंदावन के गीता शोध संस्थान परिसर के मुक्ताकाशीय रंगमंच पर हुआ। मंचन का शुभारंभ जीएलए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री नारायण दास अग्रवाल, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी नगेंद्र प्रताप, उप मुख्य कार्यपालक अधिकारी पंकज वर्मा और मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी क्रांति शेखर सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर और भगवान श्री कृष्ण की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया।
यह बाल रंग कार्यशाला उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग मथुरा और भारतेंदु नाट्य अकादमी लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में विगत 4 से 28 जून तक गीता शोध संस्थान के सभागार में चली। कार्यशाला के संयोजक मथुरा के पर्यटन अधिकारी डी के शर्मा थे।
मथुरा और वृंदावन के 4 से 18 वर्ष के बीच के लगभग चार दर्जन बालक बालिकाओं ने अभिनय का यह प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें शहीद राजा देवी सिंह के जीवन पर तैयार स्क्रिप्ट पर मंचन सिखाया गया।

मंचन वाले हर बच्चे को एक-एक हजार और टी शर्ट का इनाम
वृंदावन। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी नगेंद्र प्रताप ने बच्चों को आशीर्वाद दिया। कुलाधिपति श्री नारायण दास अग्रवाल ने मंचन में भाग लेने वाले सभी बच्चों को अपनी ओर से एक-एक हजार रुपये पुरस्कार के बतौर प्रदान करने की घोषणा की।
मंचन के प्रारंभ में ब्रज संस्कृति विशेषज्ञ डॉ उमेश शर्मा ने बताया कि पहले राजा देवी सिंह ने वर्ष 1857 की क्रांति के समय अपने गांव अचरू और राया के आसपास के 60 ग्रामों के ग्रामीणों को एकत्रित कर अपनी सेना बनाई और अंग्रेजों से लोहा लिया था। राजा ने मथुरा के तत्कालीन कलक्टर थार्नहिल को खदेड़ा था। कुछ दिन के लिए पूरे ब्रज को अंग्रेजों के शासन से मुक्त कराया था। बाद में अंग्रेजों ने उन्हें फांसी पर चढ़ा दिया था। यह प्रशिक्षण भारतेंदु नाट्य अकादमी के प्रशिक्षक विभांशु वैभव और राघवेंद्र प्रताप सिंह ने दिया।

कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल और सीईओ नगेन्द्र प्रताप का स्वागत
वृंदावन। मंचन से पहले जिला पर्यटन अधिकारी डीके शर्मा ने मंचन से पूर्व मुख्य कार्यपालक अधिकारी, कुलाधिपति एवं मुख्य कार्याधिकारी को पटुका पहना कर सम्मानित किया। गीता शोध संस्थान के समन्वयक चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार ने पर्यटन अधिकारी के अलावा डॉ उमेश शर्मा, इंजीनियर आर पी सिंह यादव व अन्य अतिथियों का पटुका पहनाकर सम्मान किया। राजा देवी सिंह के वंशज लोकेंद्र पाल सिंह ने सभी बच्चों को टी-शर्ट प्रदान कीं।

मंचन के दौरान ये गणमान्य मौजूद रहे
वृंदावन। मंचन के दौरान रंग जगत से जुड़े अनूप शर्मा, संजय शर्मा, चुरुकुला स्कूल के एमडी संजय शर्मा, लोकेन्द्र कौशिक, रोटरी क्लब वृंदावन हेरिटेज के नवीन चौधरी, रंगकर्मी डॉ खेम चंद्र यदुवंशी, साहित्यकार कपिलदेव उपाध्याय, प्रेम महाविद्यालय इंटर कॉलेज के प्राचार्य डॉ देव प्रकाश, राजकीय संग्रहालय के पूर्व निदेशक एसपी सिंह बांसुरी संस्था के संस्थापक विनय गोस्वामी, देवेंद्र पाल और दिलीप यादव आदि उपस्थित रहे। पर्यटन अधिकारी डीके शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ये प्रशिक्षित बच्चे अब अपने स्कूलों में मंच पर बेहतर प्रस्तुति देंगे। इनकी दिनेश प्रतिभा निखरी है।
मंचन की व्यवस्थायें शोध समन्वयक डॉ रश्मि वर्मा व चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार, डाटा ऑपरेटर दीपक शर्मा, रामवीर और सुल्तान सिंह आदि ने संभालीं।
