
विघटनकारी शक्तियों से दूर रहे हिंदू समाज- भवेंद्र
पंच परिवर्तन से होगा समाज परिवर्तन – डॉ शरद रेनू
संगठित समाज की शक्ति हनुमान की तरह असीमित होती है – ब्रह्मानंद महाराज
सिख धर्म हिंदुओं का फ्रंटलाइन फौज – सरदार बलविंदर
हिन्दू एकता आज सबसे बड़ी आवश्यकता – हरिकृष्ण भदौरिया

मथुरा । शहर की पॉश कॉलोनी डैंपियर नगर स्थित पाञ्चजन्य प्रेक्षागृह में बीते दिन हिन्दू सम्मेलन का आयोजन धूमधाम से हुआ।
सम्मेलन में बोलते हुए राष्ट्र सेविका समिति की अखिल भारतीय बौद्धिक प्रमुख एवं प्रचारिका डॉ शरद रेनू ने कहा कि हिन्दू परिवार में मां की भूमिका केवल एक स्त्री होने तक सीमित नहीं है, वह बच्चे की पहली गुरु के रूप में होती है, जिसका दायित्व होताभै बच्चे की नींव तैयार करना इसीलिए हर हिन्दू मां को अपने बच्चे को राष्ट्रप्रेमी बनाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, इन्होंने पंच परिवर्तन के विषय में बोलते हुए कहा कि बहुत विचार करने के पश्चात ये पंच परिवर्तन के विषय समाज के बीच में लेकर आरएसएस आया है, जिसमें स्वदेशी, पर्यावरण, कुटुंब प्रबोधन, नागरिक कर्तव्य एवं सामाजिक समरसता जैसे विमर्श हैं, अगर समाज इन विषयों को अपना ले तो वो दिन दूर नहीं जब हम विश्व गुरु के रूप में अपने आप को देख सकेंगे।
उन्होंने आगे बताया कि विश्व गुरु कोई पोजिशन या कुर्सी नहीं है यह तो मात्र एक भाव जिसका अर्थ है कि संपूर्ण विश्व हमसे प्रेरणा प्राप्त करे।
कार्यक्रम में आए अखंड भारत परिषद अखाड़ा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी ब्रह्मानंद जी महाराज ने कहा कि हिन्दू समाज जब संगठित हो जाता है, तो इसकी शक्ति भगवान हनुमान की तरह हो जाती है और फिर उस शक्ति के लिए कोई भी कार्य असंभव नहीं रहता, ऐसे कई उदाहरण हमारे इतिहास में हैं जब हिन्दू समाज की संगठित शक्ति ने असंभव से दिखने वाले कार्यों को आसानी से हल कर दिया।
मुख्य वक्ता आरएसएस के भवेंद्र ने कहा कीहिंदुओं को एक होता देख विघटनकारी शक्तियां भी जागृत हो जाती हैं और नये नए षडयंत्र रचती हैं जिससे हिन्दू समाज की एकता खंडित हो ऐसे में समाज को चाहिए कि इन शक्तियों से दूर रहे और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देते हुए अपनी आपसी एकता बनाए रखें।

मंचासीन सरदार बलविंदर ने कहा सिख तो हिंदू समाज का ही अंग है, गुरुवाणी में भी 50 से ज्यादा बार राम शब्द आया है और तो और पहले तो हिन्दू परिवार का बड़ा और शक्तिशाली बेटा सिख बनता ही बनता था।
सम्मेलन की आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं भदौरिया ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स के चेयरमैन हरिकृष्ण भदौरिया ने हिन्दू सम्मेलन और हिन्दू एकता को आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए सम्मेलन कराने वाली समिति एवं सहयोगी हिन्दू समाज की सज्जन शक्ति का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने आगे भी ऐसे सम्मेलनों के लिए यथा संभव सहयोग देने का भी संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती के समक्ष दीप जलाकर हुआ तत्पश्चात बस्ती के ही शिवाय एवं रिया ने सुंदर देशभक्ति गीत की प्रस्तुति दी, आगे सरस्वती शिशुमंदिर के बच्चों ने भगत के ऊपर लघुनाटिक प्रस्तुत की।
सम्मेलन का संचालन साधना सक्सेना और दिव्या अग्रवाल ने किया।

सम्मेलन में ब्रजेश चतुर्वेदी, जुगल श्रीवास्तव, राकेश सक्सेना, अभिनव गोल्डी, आदित्य चतुर्वेदी, हर्षित सिसौदिया, चिराग अग्रवाल, नितिन पैथोलॉजी, विजय अग्रवाल सलेक्शन, कमल किशोर, मुरारी लाल अग्रवाल, शशांक अग्रवाल आदि ने प्रमुखवरूप से सहयोग किया।