विश्व तम्बाकू निषेध दिवस

मथुरा। कोरोना लॉक डाउन में लोग शौक के नाम पर मौत को दावत दे रहे हैं। छोटे बच्चों के साथ-साथ युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। महिलाएं भी इसका प्रयोग कर रहीं हैं। यह लत लोगों को बीमार बनाने में लगी हुई है। इसको छोड़ने के लिए इच्छा शक्ति मजबूत करनी होगी। तभी बीमारी से बचा जा सकता है। विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर लोगों को प्रण करना चाहिए कि वह इसका प्रयोग नहीं करेंगे। पौष्टिक आहार लेंगे।
कोरोना लॉक डाउन में बाजार बंद है। बाजार खोलने की नियम-कानून के तहत अनुमति दी गई, उसमें पान की दुकान शामिल नहीं हैं। लेकिन चोरी-छुपे लोग गुटखा, तम्बाकू, सिगरेट, बीड़ी महंगे दामों में खरीद रहे हैं। युवा शौक-शौक में धुआं उड़ाने में लगे हुए हैं। छोटे-छोटे बच्चे भी इसका प्रयोग करने में पीछे नहीं हैं। महिलाएं भी इसमें पीछे नहीं हैं। पौष्टिक आहार लेने की जगह इस नशे का प्रयोग बढ़ रहा है। जागरूक लोग जानते हैं कि इससे कैंसर, हार्ट की परेशानी हो सकती है फिर भी इसको ले रहे हैं। ग्रामीणों के साथ-साथ पढ़े-लिखे व्यक्ति भी तम्बाकू का सेवन कर धू्रमपान करने में लगे हुए हैं। उदाहरण के तौर पर एक बीमा अधिकारी शराब पीते एवं तम्बाकू खाते थे। परेशानी हुई तो इसकी जगह वह दवा लेने लगे। वह दवा सेहत को नुकसान पहुंचाती है। धौलीप्याऊ का एक किशोर जयपुर में काम करता है कि वह प्रतिदिन शराब एवं अन्य नशा करता है। ऐसे एक नहीं काफी संख्या में लोग होंगे,जिन्हे अपने स्वास्थ्य की चिंता नही है।
आईएमए के पूर्व सचिव डा.आशीष गोपाल,आईएमए के संयुक्त सचिव डा. गौरव भारद्वाज के अनुसार लोग जानकारी होने के बाद भी नशे का सेवन करने में लगे हुए हैं। इसका असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। ओपीडी में इस प्रकार के मरीजों को स्वास्थ्य केे प्रति जागरूक किया जाता है। बीमारी का पता तब चलता है जब परेशानी अधिक होती है।

बच्चे होते कमजोर, प्रेग्नेंसी में परेशानी संभव
मथुरा। आईएमए की पूर्व पदाधिकारी स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. वर्षा तिवारी, स्त्री रोग विशेषज्ञ डा.आरती गुप्ता, स्त्री रोग विशेषज्ञ डा.शिल्पा गोयल एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. नुपूर मेहता के अनुसार इसके अधिक सेवन से बच्चे कम वजन के होते हैं। प्र्रेग्नेंसी में परेशानी संभव है। गर्भवती महिलाओं के साथ-साथ अन्य को भी इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए। इसके प्रयोग से बचने को इच्छा शक्ति मजबूत करनी होगी। लॉक डाउन का फायदा उठाएं और इसको छोड़ें।

हड्डी होती कमजोर
मथुरा। आईएमए अध्यक्ष एवं हड्डी रोग विशेषज्ञ डा.नगेन्द्र गौड़ के अनुसार तम्बाकू सेवन से हड्डी कमजोर होती हैं। हड्डी बार-बार टूट सकती हैं। दवा के सेवन से बीमारी पर काबू पाया जा सक ता है।
– धूम्रपान मानसिक स्वास्थ्य पर डालता असर
मथुरा। मनोरोग विशेषज्ञ डा.रंजीत चौधरी के अनुसार धू्रमपान मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डालता है। आम धारणा है कि इससे तनाव कम हो जात है लेकिन ऐसा नहीं है। इससे तनाव बढ़़ता है। सिगरेट पीने से मस्तिष्क पर असर पड़ता है। जब नशा करने को नहीं मिलता है तो व्यक्ति चिड़चिड़ा हो जाता है। मजबूरी में वह गलत कदम भी उठा सकता है। धू्रमपान छोड़ने से मानसिक स्वास्थ्य लाभ मिलता है। चिंता,अवसाद, तनाव का स्तर कम होता है। मनोदशा सकरात्मक रहती है। जीवन में सुधार आता है। इस तरह के मरीज ओपीडी में आते हैं। उपचार से ठीक हो रहे हैं।
आंखों पर भी पड़ता असर
मथुरा। आईएमए के पूर्व अध्यक्ष एवं नेत्र रोग विशेषज्ञ डाक्टर मुकेश जैन एवं डा.निधि के अनुसार नशे के प्रयोग से आंख की परदों की नसों में धीरे-धीरे खून का दौरा कम होने से नजर कम हो जाती है। इसका असर धीमे-धीमे असर पड़ता है। तम्बाकू सेवन न करें।

इस क्षेत्र में ओरल कैंसर, तलब को खाएं चुइंगम
मथुरा। दंत रोग विशेषज्ञ डा.अभिषेक बालियान,डा.मोहित अग्रवाल, डा. वैभव अग्रवाल के अनुसार तम्बाकू का सेवन सेहत को नुकसान पहुंचाता है। ओरल सब म्युकस फाइबरोसिस यानि मुहं का कम खुलना,नींद न आना, मुंह के अंदर सफेद धब्बे हो जाना एवं लगातार छाले होने की समस्या बन जाती है। चिकित्सकों के अनुसार मुख कैंसर के 50 फीसदी मामले चबाने वाली तंबाकू के कारण होते हैं। धू्रमपान व शराब दोनों लेने वालों में कैंसर का जोखिम 30 गुना ज्यादा होता है।

कराएं पैथोलॉजी जांच
मथुरा। मुहं में छाला एवं गले मेें गांठ हों तो चिकित्सक से संपर्क कर जांच कराएं। पैथोलॉजिस्ट डा.मोहित गुप्ता एवं डा.अंशुल अग्रवाल,डा.शिखा व्यास के अनुसार जांच सेे पता चल सकेगा कैंसर है या नहीं।
आयोजित किए जाते जागरूकता कार्यक्रम
मथुरा। सीएमओ डा.रचना गुप्ता के अनुसार स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। गोष्ठी की जाती हैं। जिला अस्पताल में संचालित एनसीडी क्लीनिक में लोग संपर्क कर सकते हैं।

टिप्स
-अपने आसपास रखी तम्बाकू वाली चीजों को हटा दें
-तलब लगने पर धीरे-धीरे घंूट लगाकर पिएं पानी
-अपनी सामान्य दिनचर्या में बदलवाए लाएं
-तलब घटाने को सौंफ, मिश्री, लौंग, दालचीनी लें
-अच्छे मित्र बनाएं जो तम्बाकू छोड़ने को प्रेरित करें
-तम्बाकू छोड़ने के फैसले को बनाएं मजबूत
-स्पेशल चुइंगम से तलब कम हो जाती है।
सिगरेट से होने वाली हानियां
-गुर्दा का खराब होना
-उच्च रक्तचाप, हार्टअटैक
-निमोनिया, हड्डियां कमजोर पड़ना, नपुसंकता