मकर राशि में छह ग्रहों का होगा मिलन

हाथरस

विनोद शास्त्री

हाथरस । हमारे सौरमण्डल में अनेको प्रकाश वर्षो की दूरी पर एक दूसरे से दूरी पर फैले ग्रह आपस में कभी नहीं मिलते, परंतु हमारे पृथ्वी से अंशात्मक दूरी कम होने पर ग्रह निकट दिखाई देते हैं। जिनका पूरा प्रभाव हमारे मानव जीवन पर पडता है। श्री कार्त्तवीर्य नक्षत्र ज्योतिष संस्थान के संस्थापक आचार्य विनोद शास्त्री के अनुसार हमारे नौ ग्रह समस्त सौर मण्डल में अपने पथ पर बारह राशियों में रह कर परिक्रमा करते रहते हैं। परन्तु कभी-कभी किसी एक राशि में यह ग्रह एकत्रित हो जाते हैं तो अनेकों अच्छे-बुरे प्रभाव मानव जाति तथा प्रकृति पर डालते है। कोरोना माहामारी से पूर्व भी 26 दिसंबर 2019 को ऐसा ही षड्ग्रही योग वना था। ऐसा ही षड्ग्रही योग दिनांक 9 फरवरी को रात्रि 08 बज कर 29 मिनट को बनने जा रहा है। जब चंद्रमा मकर राशि में पूर्व से ही विराजमान पांच ग्रहों जिसमें सूर्य, वुध, गुरू, शुक्र, शनि से मिलेगा। ऐसा योग 11/ 12 फरवरी की रात्रि 02 बज कर 10 मिनट तक रहेगा। परन्तु इस षड्ग्रहों का प्रभाव कभी पूर्व में तो कभी दूरगामी दिखायी देते हैं। यह सभी ग्रह मकर राशि में एकत्रित हो रहे हैं। यानि जिन देशों के प्रथमाक्षर नाम ‘ज’, ‘ख’ व ‘ग’ से हैं वही सबसे अधिक प्रभावित देश होने की संभावना है। बात जापान करें तो पूर्वी जापान में कोई जलीय घटना घट सकती है। वही भारत के पूर्वोत्तर भाग में आपदा की संभावना रहेगी। बात चीन की करें तो भारत-चीन के लाभ पर नियन्त्रण करने में विशेष प्रयास को सफल करने का प्रयत्न बहुत हद तक सफल होगा। वही ऐसा षड्ग्रही योग कई देशों में आपदा लाने का जिम्मेदार होगा।

विश्लेषण…
आचार्य विनोद शास्त्री

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