संस्कृति विवि के शिक्षकों ने स्कूली छात्राओं को भोजन के प्रति किया जागरूक

Uncategorized

चित्र परिचयः छाता स्थित एंजल पब्लिक स्कूल में छात्राओं को ‘फूड इज़ योर सुपरपावर’ का संदेश देने पहुंचा संस्कृति विश्वविद्यालय के शिक्षकों का दल।

मथुरा। युवाओं, विशेषकर छात्राओं में स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से, संस्कृति विश्वविद्यालय के होटल मैनेजमेंट विभाग द्वारा छाता स्थित एंजेल पब्लिक स्कूल में ‘फूड इज़ योर सुपरपावर’ (भोजन आपकी महाशक्ति है) बैनर तले एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को उनके विकास के वर्षों में पोषण की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में शिक्षित करना था। सत्र के दौरान छात्राओं को बताया गया कि भोजन केवल पेट भरने के लिए नहीं, बल्कि शरीर रूपी स्थायी
घर के निर्माण के लिए ईंधन के समान है। संकाय सदस्यों ने रेनबो प्लेट” (सतरंगी थाली) की अवधारणा को समझाते हुए बताया कि कैसे अलग-अलग रंगों के फल और सब्जियाँ हृदय स्वास्थ्य, याददाश्त और हड्डियों की मजबूती के लिए आवश्यक हैं। इस कार्यक्रम में शैक्षणिक सत्र के मुख्य बिंदुओं के अतंर्गत छात्राओं को कैल्शियम और आयरन के महत्व के बारे में बताया गया कि थकान से बचने और भविष्य में हड्डियों की मजबूती के लिए आयरन और कैल्शियम युक्त आहार कितना अनिवार्य है। स्मार्ट स्नैकिंग के अंतर्गत बताया गया कि चिप्स और बिस्कुट जैसे प्रोसेस्ड शुगर ट्रैप के बजाय मखाना, दही और फलों जैसे स्वास्थ्यवर्धक विकल्पों को चुनना चाहिए। सुबह के नाश्ते के महत्व को समझाते हुए बताया गया कि कैसे एक पौष्टिक नाश्ता मस्तिष्क की बैटरी को दिन भर के लिए चार्ज रखता है।
इसके अलावा, छात्राओं को खाद्य उत्पादों के पीछे लगे लेबल को पढ़ना सिखाया गया ताकि वे छिपी हुई चीनी और हानिकारक तत्वों को पहचान सकें। उन्हें माइंडफुल ईटिंग यानी मोबाइल या टीवी से दूर रहकर एकाग्रता के साथ
भोजन करने के लिए भी प्रेरित किया गया। कार्यक्रम होटल मैनेजमेंट विभाग के विभागाध्यक्ष मिस्टर रतीश शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस
कार्यक्रम का संयोजन संकाय सदस्य मिस्टर मोहित रस्तोगी और असिसमेंट प्रोफेसर मिस शुभांगी सक्सेना ने किया। इस दौरान विभाग के छात्र-छात्राओं—कृति, प्रद्युम्न, राजकुमार, हिमकर और विक्की ने भी सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया और स्कूली छात्राओं के साथ संवाद किया।
विभागाध्यक्ष मिस्टर रतीश शर्मा ने टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आउटरीच कार्यक्रम किताबी ज्ञान को समाज कल्याण से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम हैं।

Spread the love