पथ संचलन निकाल आरएसएस ने किया शौर्य का प्रदर्शन, महानगर में 41 स्थानों पर मना कार्यक्रम

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विजयादशमी है शक्ति की उपासना का त्यौहार: आरएसएस

मथुरा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मथुरा महानगर में विजयादशमी उत्सवों की श्रृंखला में आज रविवार को महानगर के सभी मुख्य मार्गों एवं अनेक कॉलोनियों में पथ संचलन निकाला गया।
संघ की महानगर इकाई ने तय किया था कि इस वर्ष चूंकि संघ की स्थापना का शताब्दी वर्ष है अतः प्रत्येक बस्ती एवं शाखा पर यह विजयादशमी उत्सव मनाया जाएगा, इसी श्रृंखला में दशहरे के दिन से प्रारंभ हुए उत्सवों के क्रम में आज रविवार के चलते 41 शाखाओं पर विजयादशमी का उत्सव मनाया गया एवं पथसंचलन निकाला गया।
शहर के सभी मुख्य मार्गों जैसे वृंदावन मसानी मार्ग, होलीगेट बाजार क्षेत्र, सदर बाजार मार्ग, धौलीप्याऊ चंद्रपुरी मार्ग, बीएसए कॉलेज मार्ग, कृष्णा राधा नगर मार्ग, गणेशरा गोवर्धन चौराहा, गोकुल महावन, लक्ष्मी नगर यमुना पार मार्ग आदि मार्गों पर विशाल पथ संचलन निकाले गए।
शहर की कई कॉलोनियों जैसे कुसुम वाटिका, चंद्रपुरी, गोविंद नगर, डैंपियर आनंदलोक, तत्वदर्शी वाटिका आदि जगहों पर भी संचलन निकाले गए। संचलन में आगे बाल स्वयंसेवकों की वाहिनी और उसके पीछे बड़ी आयु के स्वयंसेवकों की वाहिनी के साथ सबसे पीछे घोष का गण चल रहा था, जिसकी धुन पर सभी स्वयंसेवक कदम सैकड़ों मिलाकर चल रहे थे।
संचलन से पहले हुए उत्सवों के बौद्धिक में बोलते हुए बौद्धिक कर्ताओं ने बताया कि पथसंचलन शौर्य एवं शक्ति का प्रतीक है यह जिस भी मार्ग या बस्ती से गुजरता है उस बस्ती में रहनेवाले निवासियों को अपनी सुरक्षा एवं संरक्षा का आश्वासन स्वतः हो जाता है, कि संघ है तो निश्चिंतता है। जब दण्डधारी स्वयं सेवक सैकड़ों की संख्या में किसी मार्ग या कॉलोनी से होकर जाता है, वहां रहने वाली दुर्जन शक्ति स्वयं क्षीण पड़ जाती है एवं सज्जन शक्ति का आत्मविश्वास बढ़ जाता है, दूसरी ओर संचलन कर रहे स्वयंसेवकों को जब आपस में कदम मिलाने का स्वभाव हो जाता है तो धीरे धीरे कदम मिलते हुए मन मिलाने का स्वभाव भी अपने आप हो ही जाता है ऐसा संघ की कार्य पद्धति में रहा है।
एक कार्यक्रम में महानगर सह कार्यवाह श्रीओम ने बताया कि इन संचलनों की तैयारी कोई महीना भर पूर्व से हो रही थी, जिसमें स्वयंसेवक 1 महीने से घर जा जा जाकर अन्य बंधुओं के गणवेश पूरे करा रहे थे, उसके बाद शाखाओं पर भी बीते पिछले पखवाड़े से संचलन के लिए कदम मिलने का अभ्यास चल रहा था उसी का सुखद परिणाम है कि आज पूरे मथुरा महानगर में सफल संचलनों का आयोजन हो पाया है।

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