- रमा वैधनाथन की ‘अखिलम् मधुरम्’ और सुरेश वाडेकर व पदमा वाडेकर की सुरमयी संध्या से सजा ब्रज रज उत्सव का मंच
मथुरा। ब्रज रज उत्सव का विशाल मंच चौथे दिन रमा वैधनाथन की ‘अखिलम् मधुरम्’ और सुरेश वाडेकर- पदमा वाडेकर की सुरमयी संध्या के नाम रहा। जहाँ रमा वैधनाथन ने अपनी नृत्य नाटिका ‘अखिलम् मधुरम्’ के माध्यम से श्रीकृष्ण भक्ति भाव को प्रस्तुत किया तो प्रख्यात गायक सुरेश वाडेकर की आवाज का जादू लोगों के सिर चढ़कर बोला।
धौली प्याऊ स्थित रेलवे ग्राउंड पर उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ब्रज रज उत्सव में बुधवार की शाम भक्ति, शास्त्रीय नृत्य और सुरों की मधुर लहरियों का अनुपम संगम देखने को मिला। शाम ढलने के बाद शुरू हुए मुख्य मंचीय कार्यक्रम में अतिथि कलाकार प्रसिद्ध नृत्यांगना रमा वैधनाथन ने अपनी नृत्य नाटिका ‘अखिलम् मधुरम्’ के माध्यम से श्रीकृष्ण लीला, माधुर्य और भक्ति भाव को अपने भावपूर्ण नृत्य के जरिए जीवंत किया। भरतनाट्यम शैली में उनकी प्रस्तुति ने कृष्ण के जीवन के उन कोमल और गूढ़ प्रसंगों को चित्रित किया, जो प्रेम और समर्पण की पराकाष्ठा को दर्शाते हैं।
उनके पश्चात मंच की बागडोर संभालेने पहुंचे देश के प्रख्यात गायक सुरेश वाडेकर का अभिनंदन मौजूद जन समुदाय ने तालियों के साथ किया। जिनकी मधुर आवाज़ ने भक्ति और संगीत प्रेमियों के हृदय को कुछ ही समय में झकझोर के रख दिया। ‘वाडेकर नाइट’ की शुरुआत पदमा वाडेकर ने कौन कहते हैँ कि भगवान आते नहीं और सत्यम शिवम सुंदरम के भाव पूर्ण गायन के साथ की।
इसके बाद फिल्मी दुनिया के प्रख्यात गायक सुरेश वाडेकर ने अपनी आवाज का जादू बिखेरा। उन्होंने श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम लोग करें मीरा को यूँ ही बदनाम, साँवरे की बंसी को बजने से काम राधा का भी श्याम वोतो मीरा का भी श्याम, मंगल भवन अमंगल हारी आदि भजन से पूरे वातावरण को सुरों के माधुर्य से सराबोर कर दिया।
इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र, प्रख्यात गायक सुरेश वाडेकर और पदमा
वाडेकर, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी मदन चंद्र दुबे, डिप्टी सीईओ सतीश चंद्र ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस मौेके पर हंसराज कॉलेज दिल्ली के प्रोफेसर नृत्य गोपाल शर्मा, सहायक नगर आयुक्त राकेश त्यागी, जिला विकास अधिकारी गरिमा खरे, समाजसेवी ममता भारद्वाज आदि मौजूद रहे।