मथुरा। जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल के निर्देशन में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा जनपद मथुरा में चल रहे पोषण पखवाड़ा का समापन सोमवार को बीएसए इंजीनियरिंग कॉलेज के सभागार में किया गया। इस दौरान क्विज प्रतियोगिता एवं पोषण रेसिपी प्रतियोगिता का आयोजन कर एवं विजेताओं को सम्मानित कर किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी डॉ. नितिन गौड़ ने दोनों ही प्रतियोगिता के विजेताओं को प्रमाण पत्र एवं शील्ड देकर सम्मानित किया। क्विज की विजेता चौमुहा परियोजना की टीम रही, जिसकी तरफ से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों संतोष राजपूत एवं जानकी ने प्रतिभाग किया, जबकि उपविजेता मथुरा ग्रामीण परियोजना की टीम रही जिसमें अनुराधा एवं भाग्यवती ने प्रतिभाग किया। वही पोषण रेसिपी प्रतियोगिता में मथुरा शहर परियोजना की टीम विजेता बनी जिसकी तरफ से आंगनबाड़ी कार्यकत्री अनीता एवं मनीषा ने प्रतिभाग किया। पोषण रेसिपी की उपविजेता बलदेव एवं चौमुहा परियोजना की टीम संयुक्त रूप से रही । दोनों ही प्रतियोगिता के लिए सभी 11 परीयोजनाओ की 2-2 सदस्यीय टीम द्वारा प्रतिभाग किया गया , जो परियोजना स्तर से चयनित होकर आई थी । पोषण रेसिपी के लिए निर्णायक मंडल की टीम में जिला बचत अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग अधिकारी एवं पीओ नेडा मौजूद रहे वहीं क्विज़ का संचालन सीडीपीओ छवी शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ अभिनव मिश्रा ने किया एवं बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के उत्साहवर्धन के लिए ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन समय-समय पर किया जाता रहेगा |कार्यक्रम में उक्त अतिथियों के अलावा यूनिसेफ की मंडल कोऑर्डिनेटर ममता पाल, सीडीपीओ अशोक सिंह एवं योगेंद्र सिंह, एंकर रश्मि शर्मा एवं मुख्य सेविकाओं की उपस्थिति रही| कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा पोषण जागरूकता नाटक नृत्य एवं अभिनय किया गया| मांट की अन्नू, शिवानी, मथुरा सिटी की प्रिशा, महावन की रानी दीक्षित, अपर्णा , अदिति, भूमिका, किशोरी ने पोषण पखवाड़ा थीम आधारित नाटक एवं गीत संगीत प्रस्तुत किये। साथ ही मुख्य विकास अधिकारी एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा 2 बच्चो का अन्नप्राशन एवं दो गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की गई|
कार्यक्रम के समापन पर जिला कार्यक्रम अधिकारी अभिनव मिश्रा ने अपने संबोधन में बताया कि बाल विकास विभाग द्वारा कुपोषण दूर करने के लिए लगातार विभिन्न नवोन्मेषी पहल लिए जा रहे हैं एवं कुपोषण के खिलाफ लड़ाई को जनांदोलन में तब्दील किया जा रहा है।