-भगत सांगीत परम्परा में जुटे कलाकार, पगड़ी-बंधन ‘प्याला’ समारोह मनाया
- आगरा मंडल और बाहर के भगत- संगीत से जुड़े तमाम खलीफा और उस्ताद जुटे
मथुरा। ब्रज संस्कृति केंद्र के तत्वावधान में ब्रज की लोकनाट्य भगत-सांगीत विधा के वृन्दावन स्थित जहारमल अखाड़े के 17 वें उस्ताद स्व. रमेश चंद ‘बीकेडी’ की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर किशोरपुरा स्थित शक्कर सिंधी धर्मशाला में श्रद्धांजलि व पगड़ी-बंधन ‘प्याला’ समारोह का आयोजन किया गया।
सर्वप्रथम मुख्य अतिथि अष्टभुजा मिश्रा (बनारस) तथा ब्रजमंडल के समस्त अखाडों के उस्ताद व कलाकारों ने दिवंगत स्व. उस्ताद बीकेडी के चित्रपट पर माल्यार्पण किया। तदोपरांत उन्हें श्री यदुवँशी भगत सांगीत अखाड़ा सदर बाजार मथुरा के उस्ताद डॉ. खेमचंद यदुवँशी ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए गाया-“उस्ताद श्री बीकेडी जी को, हम शीश झुकाते हैं। मन में श्रद्धा के भाव हैं, श्रद्धा सुमन चढ़ाते हैं।” तदोपरांत ब्रजमण्डल के भगत सांगीत अखाडों के उस्तादों ने भगत-सांगीत शैली में श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनमें उस्ताद कर्नल एस. एस. अग्रवाल (अखाड़ा ताजगंज-आगरा) सतीश चन्द शर्मा ( अखाड़ा चौक चमन नामनेर- आगरा) बसन्त लाल भार्गव (अखाड़ा आलम गंज-आगरा) राधे श्याम गोयल ‘चौधरी साहब’ (अखाड़ा कचहरी घाट-आगरा), उस्ताद प. राम प्रकाश शर्मा (अखाड़ा इंदरमन- हाथरस), उस्ताद प.नथाराम गौड़ के प्रपौत्र प. राहुल गौड़ (अखाड़ा बुर्ज-हाथरस) उस्ताद हरि मोहन सक्सेना (अखाड़ा खारी कुँआ-मथुरा), उस्ताद मास्टर ओम प्रकाश पाण्डेय (प्राचीन अखाड़ा जाहरमल महावन), उस्ताद विजय किशोर मिश्र (अखाड़ा किशोरीलाल जी-अठखम्बा वृन्दावन) आदि प्रमुख थे।
आयोजन के द्वितीय चरण में उपस्थित सभी उस्तादों ने सर्वसम्मति से दिवंगत उस्ताद स्व. रमेश चंद ‘बीकेडी’ के स्थान पर श्रीकृष्ण चन्द गौतम ‘छीता गुरु’ को परम्परागत रूप से पगड़ी बांध कर अखाड़े के उत्तराधिकारी स्वरूप में उस्ताद नियुक्त किया।