संस्कार विहीन व्यक्ति शून्य होता है- मोहित मराल
मथुरा। नववर्ष मेला समिति के तत्वाधान में सेठ बी०एन० पोद्दार इंटर कॉलेज में आयोजित 24 वें विशाल नववर्ष मेला के नववर्ष समारोह में मुख्य अतिथि श्री राधावल्लभ संप्रदाय प्रधान पीठाधिपति तिलकायत अधिकारी गोस्वामी श्रीहित मोहित मराल जी महाराज ने नवसंवत्सर की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्री कृष्ण ने धर्म की रक्षा के लिए ब्रजभूमि में जन्म लिया था। हमें भी आज से यह प्रण लेना होगा कि हम भी हिंदू तिथि के अनुसार अपना जन्म दिवस व सालगिरह बनायेंगे।
उन्होंने कहा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर हम अपने घर पर पीला ध्वज फहराएं, कलश एवं स्वास्तिक बनाकर इस दिन को त्यौहार की तरह मनाएं। संस्कार विहीन व्यक्ति शून्य होता है तो यह हमारा धर्म है कि हम अपने आने वाली पीढ़ी को संस्कार दें, जिससे सनातन संस्कृति भविष्य में उत्कृष्ट हो एवं भारत विश्व गुरु बने।
विशिष्ट अतिथि बेबीरानी मौर्य मंत्री महिला कल्याण एवं बाल विकास उ०प्र० ने कहा कि यह नवसंवत्सर हिंदुओं का नववर्ष है। यह सदियों से बनता आ रहा है। बीते कुछ समय में पश्चिमी संस्कृति के प्रभाव के कारण हम चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को भूलकर एक जनवरी को नववर्ष बनाने लगे थे। भारत विश्व गुरु तभी बनेगा जब हम देश की संस्कृति के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे। मंगलायतन यूनिवर्सिटी के कुलपति पीके कसोरा, जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी एवं कार्यक्रम स्वागताध्यक्ष कल्यानदास अग्रवाल बृजवासी समाज सेवी एवं उद्योगपति ने नवसंवत्सर की मंगलकामनाएं देते हुए विचार व्यक्त किए। इससे पूर्व मां भगवती के चित्रपट के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर नववर्ष समारोह शुरू हुआ। अतिथियों का स्वागत किया गया।
कार्यक्रम का संचालन महामंत्री प्रदीप श्रीवास्तव ने एवं धन्यवाद ज्ञापन अध्यक्ष कमलेश अरोड़ा ने किया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रांत कार्यवाह राजकुमार, राज्यसभा सांसद चौ० तेजवीर सिंह, विधायक श्रीकांत शर्मा, पूरन प्रकाश, एमएलसी ठा०ओम प्रकाश सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी, मेयर विनोद अग्रवाल, विभाग सह कार्यवाह संजय अग्रवाल, महानगर प्रचारक सचिन भारत, कार्यवाह विजय बंटा, भाजपा महानगर अध्यक्ष राजू यादव, एबीवीपी संगठन मंत्री दिव्यांशु पचौरी, यादवेंद्र अग्रवाल, डा० शैलेन्द्र प्रताप सिंह, योगेन्द्र शर्मा, डॉ दीपा अग्रवाल, योगेश आवा, रजत बाल्मीकि, अनिरुद्ध अग्रवाल, सुभाष सैनी, अजय अग्रवाल, गंगाधर अरोड़ा, मीडिया प्रभारी मुकेश शर्मा, विशाल रोहेला, समीर बंसल, देवेश कुमार, ब्रिजेंद्र नागर, राजीवकृष्ण अग्रवाल, घनश्याम लोधी, नयन शर्मा, तपेश भारद्वाज, राहुल यादव, रामकिशन पाठक आदि समिति पदाधिकारी सहित हजारों की संख्या लोग उपस्थित रहे।
भूमि पूजन एवं हवन से शुरू हुआ नवसंवत्सर मेला
मथुरा। नवसंवत्सर 2082 की पूर्व संध्या पर नववर्ष मेला समिति मथुरा के तत्वावधान में आयोजित नववर्ष मेला सेठ बी०एन० पोद्दार इंटर कॉलेज में भूमि पूजन, हवन- यज्ञ और वेद मंत्रोच्चारण के मध्य विधिवत रूप से शुरु हो गया।
इस अवसर पर यजमान के रूप में नववर्ष मेला समिति के उपाध्यक्ष यादवेंद्र अग्रवाल पत्नी अंजना अग्रवाल सहित एवं महामंत्री प्रदीप श्रीवास्तव ने हवन में पूर्ण आहुतियां दी। हवन पं० श्यामू चतुर्वेदी ने वेद मंत्रों से कराया। हवन के बाद प्रसाद का वितरण किया गया।
हवन में आरएसएस महानगर कार्यवाह विजय बंटा, आचार्य ब्रजेन्द्र नागर, मंत्री योगेश उपाध्याय आवा, कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल, सह कोषाध्यक्ष गंगाधर अरोड़ा, मीडिया प्रभारी मुकेश शर्मा, हरस्वरूप यादव, पंकज शर्मा, तरुण नागर, नयन शर्मा, लक्ष्मण पाल, यतीन्द्र सिसोदिया आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
घोड़ा और ऊंट की सवारी रहे बच्चों के आकर्षण
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दिखी भारतीय संस्कृति की झलक
मथुरा। सायं 5:30 बजे से आयोजित रंगोली प्रतियोगिता में बनाई गई शंख और वीणा की आकर्षक रंगोली ने सभी का मन मोह लिया। रूप सज्जा प्रतियोगिता में भगवान श्रीराम और मां दुर्गा में रूप में सजे नन्हे मुन्ने बच्चे सभी को आकर्षित कर रहे थे। लोकगीत, सामूहिक नृत्य, एकल नृत्य की प्रतियोगिता में बहनों की प्रस्तुतियों पर दर्शक ताली बजाने को मजबूर हो गए।
बच्चों ने घोड़ा और ऊंट की सवारी का आनंद लिया, झूला झूले,चाट- पकौड़ी और स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लिया। लोगों ने स्वदेशी वस्तुओं, पूजन सामग्री की जमकर खरीदारी की। मेला में आने वाले सभी आगंतुकों का मुख्य द्वार चंदन का टीका लगाकर स्वागत किया गया। सभी को प्रसाद स्वरूप नीम की कोंपल, मिश्री के दाने और गंगाजल भेंट किया गया। नवसंवत्सर बधाई कार्ड दिया गया। मेला में उपस्थित सभी ने एक दूसरे को गले लगाकर नवसंवत्सर 2082 की शुभकामनाएं दी। मेला में स्टालों से जमकर खरीदारी हुई।
इस अवसर पर मेला समिति पदाधिकारी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ स्वयंसेवक, भाजपा और हिंदुवादी संगठनों के कार्यकर्ता सहित हजारों की संख्या में बच्चे, महिला और पुरुष उपस्थित रहे।
नववर्ष मेला में विजयी प्रतिभागियों को मिला पर पुरस्कार
मथुरा। नवसंवत्सर 2082 के अवसर पर आयोजित प्रतियोगिता में विजेताओं को मंच से पुरस्कृत किया गया। मेहंदी जूनियर वर्ग में प्रथम सौम्या कुशवाह, द्वितीय महक कुन्तल तृतीय सोनिया चौधरी रहीं, सीनियर वर्ग में प्रथम अनुराधाअग्रवाल, द्वितीय अल्फिया मुवीन, तृतीय यशिका गुप्ता रहीं। पोस्टर बनाओ जूनियर वर्ग में प्रथम प्रियागी कुमारी, द्वितीय नारायनी ठाकुर तृतीय गनिका तौमर रहीं, सीनियर वर्ग में प्रथम कामाक्षी सिंह, द्वितीय अपर्णा चौधरी, तृतीय अनुष्का कौशिक रहीं, रंग भरो जूनियर वर्ग में प्रथम पिवान सिंह, द्वितीय मुस्कान, तृतीय हेमंत कुमार रहे। रंग भरो सीनियर वर्ग में खुश गुप्ता, द्वितीय गौरव पांडेय, तृतीय अनुराग कुशवाह रहे। सामान्य ज्ञान जूनियर वर्ग में प्रथम विदिता वार्ष्णेय, द्वितीय नर्मित अग्रवाल, तृतीय हिमांशी एवं वेदांत रहे। सीनियर वर्ग में अभय वशिष्ठ प्रथम, द्वितीय सौरभ वर्मा, तृतीय कनिष्का सोनी रहीं। निबंध प्रतियोगिता जूनियर वर्ग में प्रथम कुमारी उज्ज्वल, द्वितीय तनवी, तृतीय शालिनी चौधरी रहीं। सीनियर वर्ग में प्रथम यशी तवानियां, द्वितीय आशुतोष एवं तृतीय स्थान पर भूमि वार्ष्णेय रहीं।
रंगोली जूनियर वर्ग में प्रथम वेदांशी, द्वितीय आयुष सैनी, तृतीय अनुभूति रिया रहीं और सीनियर वर्ग में प्रथम नैतिक गोला, द्वितीय तुषार, तृतीय शबनम रहीं, रूप सज्जा में श्रीराम के स्वरूप में प्रथम कृष्णा, द्वितीय, जियास चौधरी, तृतीय शौरभ तौमर रहे। दुर्गा स्वरूप में प्रथम हिमांशी बंसल, द्वितीय पटी भगेल व प्रज्ञा पाल, तृतीय राध्या माहेश्वरी रहीं, लोकगीत प्रतियोगिता में प्रथम डा० सीमा मिश्रा, द्वितीय शिवम चौधरी, तृतीय नविनी, सामूहिक नृत्य में प्रथम अपूणी ग्रुप, द्वितीय यशिका, तृतीय सर्मिष्ठा रहीं। एकल नृत्य में प्रथम संस्कृति स्वर्णकार, द्वितीय निषिका भदान एवं तृतीय गणिका तोमर रहीं। सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार और प्रमाण देकर सम्मानित किया गया।
प्रतियोगिताएं डा० दीपा अग्रवाल, हरवीर सिंह, योगेश कुमार, दीपेश श्रीवास्तव, एवं राजीव पाठक के निर्देशन में हुई। इस अवसर पर जमुना शर्मा, दीपा चतुर्वेदी, अनामिका दीक्षित, रजनी भट्ट, डा० रुचि अग्रवाल, सीमा यादव, वृषभान गोस्वामी, रविंद्र प्रताप सिंह, राजीव कुमार शर्मा, सुरेश कुमार आदि उपस्थित रहे।
धाम अयोध्या सजा चुके अब मथुरा की बारी है
मेला में देर रात्रि तक चला कवि सम्मेलन
मथुरा। नववर्ष मेला समिति के विशाल नववर्ष मेला में सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत शनिवार को देर रात्रि सेठ बी०एन० पोद्दार इंटर कॉलेज में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में वीर रस और हास्य रस के कवियों ने अपने काव्य पाठ से श्रोताओं को बांधे रखा।
कवि सम्मेलन का शुभारंभ मोनिका देहलवी ने सरस्वती वंदना से किया। वीर रस के कवि अजय अंजाम ने अपनी प्रसिद्ध हल्दीघाटी की कविता सारे जग के ऊपर अपना ध्वज फहराने की तैयारी है,
धाम अयोध्या सजा चुके अब मथुरा जी की बारी है से श्रोताओं में जोश भर दिया। राधाकांत पांडे ने ब्रज की अलौकिक छटा को निहार कर, नववर्ष पर राधे-राधे बोलिए का गायन किया। डॉ० कुमार मनोज ने प्रेम रस की कविता मोहब्बत जब कभी करना तो पौधों की तरह करना, जो महल में भी माटी साथ ले जाती है को सभी ने सराहा। हास्य कवि पार्थ नवीन और महेंद्र अजनबी ने हास्य कविताओं से लोगों को खूब गुदगुदाया। वीर रस की कवियित्री ज्योति त्रिपाठी की कविता जो जीवन दर्शन जाने उसे सनातन कहते हैं, कण कण में ईश्वर पहचाने उसे सनातन कहते हैं, सारी वसुधा को जो घर माने उसे सनातन कहते हैं ने सभी श्रोताओं को ताली की गड़गड़ाहट को मजबूर कर दिया। वीर रस कवि मनवीर मधुर के काव्य पाठ कुछ दहन किया जाए तन से रावण, कुछ मन से राम बन जाए को खूब सराहा गया।
मनवीर मधुर और डॉ० कुमार मनोज ने संयुक्त रूप से कवि सम्मेलन का संचालन किया। इससे पूर्व मां भगवती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कवि सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। सभी कवियों का समिति पदाधिकारी द्वारा स्वागत किया गया। कवि सम्मेलन चौधरी किशन सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष एवं कुलाधिपति के० एम० विश्विद्यालय के सौजन्य से कराया गया।