हम प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत के सपने को पूरा करें: मेयर

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क्षय रोग दिवस पर सीएमओ ने टीबी रोगी खोज अभियान की प्रगति पर संतोष जताया, अधीनस्थों की पीठ थपथपाई

मथुरा में सबसे पहले फरह और बलदेव ब्लॉक को पूर्णतः टीबी मुक्त किए जाने का संकल्पः डॉ संजीव यादव

मथुरा। विश्व क्षय रोग दिवस के उपलक्ष्य में हुई संवेदीकरण कार्यशाला में प्रधानमंत्री के आह्वान पर वर्ष 2025 तक भारत को टीबी से मुक्ति दिलाने का संकल्प लिया गया।
होटल माधव मुस्कान में आयोजित क्षय रोग दिवस कार्यक्रम का शुभारम्भ मथुरा-वृन्दावन के मेयर डा. मुकेश आर्यबन्धु, संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डॉ गुप्ता, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. रचना गुप्ता, जिला क्षय रोग अधिकारी डा. संजीव यादव ने किया।
इस अवसर पर मेयर डॉ मुकेश ने कहा कि आज टीबी असाध्य रोग नहीं रह गया है। हमारे चिकित्सकों और वैज्ञानिकों ने इलाज खोज लिया है। सही तरीके से मरीज नियमित दवा सेवन करे तो वह बिल्कुल ठीक हो जाता है। कोरोना भी एक ऐसी ही बीमारी है जिसकी टीका खोज लिया गया है। अब हमें प्रधानमंत्री के संकल्प को वर्ष 2025 तक पूरा करना है।
संयुक्त निदेशक (स्वास्थ्य) डॉ रविंद्र गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान को सफल बनाने के लिए हमें टीबी मुक्त भारत बनाना है। इसके लिए सभी को एकजुट होकर पहले जैसे अभियानों की तरह काम करना है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ रचना गुप्ता ने कहा कि आज जनपद का क्षय रोग विभाग बहुत बेहतर तरीके से कार्य कर रहा है। लगातार टीबी के मरीज खोजे जा रहे हैं। टीबी रोगी बच्चों को गोद दिलवाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की आशा व दूसरे कार्यकर्ता बहुत मेहनत कर रहे हैं। अभी दस्तक अभियान में इन्होंने बहुत ही अच्छी प्रगति दिलाई है। अब हमें क्षय रोग मुक्त मथुरा बनाने के लिए मेहनत करनी है। टीबी के हर मरीज को खोज कर सरकारी इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाना है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ संजीव यादव ने कहा कि क्षय रोग का उपचार पूर्णतः संभव है। बस आवश्यक यह है कि प्रत्येक क्षय रोगी नियमित रूप से निश्चित अवधि तक अपनी दवा का सेवन करे। बीच में दवा छोड़ने से एमडीआर रोगी बनने की संभावना रहती है। यह बात हर मरीज की जानकारी में होनी चाहिए।
डॉक्टर संजीव यादव ने प्रोजेक्टर के माध्यम से मथुरा के क्षय रोग विभाग द्वारा की जा रही प्रगति को भी दर्शाया उन्होंने बताया कि सबसे पहले ही फरह और बलदेव ब्लॉक को टीबी मुक्त किया जाएगा। इन दोनों ब्लॉक में सबसे कम टीबी के मरीज पाए गए हैं।
डा यादव ने कहा कि राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के आह्वान पर विभाग 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को बेहतर पोषण व देखभाल के उद्देश्य से गोद भी दिलवा रहे हैं। इसके लिए सेवाभावी लोग आगे आएं।
मथुरा के सीफार प्रतिनिधि ने टीबी मुक्त भारत और दूसरी हेल्थ स्कीमों को जन जागरूकता के जरिए सफल बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
जिला पीपीएम समन्वयक आलोक तिवारी ने टीबी मरीजों को इंसेंटिव दिए जाने एवं अभियान के दूसरे पहलुओं पर प्रकाश डाला।

संचालन सुपरवाइजर श्याम सुंदर वर्मा ने किया। कार्यक्रम में अपर क्षय रोग अधिकारी डॉ आलोक कुमार, डॉ पारुल ने अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर एसीएमओ डॉ पी के गुप्ता, डॉक्टर देवेंद्र गुप्ता, डा. मनीष पौरूष, डॉ अमिताभ पांडेय, डॉ हेमेंद्र सिकरवार आदि मौजूद थे। निजी चिकित्सकों में डा सुरेंद्र बंसल, डॉ एसपी अग्रवाल ने भी सहभागिता की। कार्यक्रम में आशा और डॉट प्रोवाइडर के अलावा क्षय रोग विभाग के कर्मचारी भी मौजूद रहे।

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