यमुना मिशन ने निकाली भक्तिमयी जगन्नाथ रथ नौका यात्रा, हरिनाम संकीर्तन कर रही थीं साधु संतों की टोलियां

मथुरा। सोमवार को यमुना का दृश्य बड़ा अद्भत, बड़ा अनुपम था। पतित पावनी यमुना की धारा पर तैरती दर्जनभर सजी-धजी नावें और उन पर सवार हरिनाम संकीर्तन करती साधु संगत… मौका था यमुना में भगवान जगन्नाथ की रथ नौका यात्रा का, जिसका आयोजन यमुना मिशन द्वारा किया गया। जगन्नाथ रथ नौका यात्रा यमुना के महादेव घाट से होती हुई गऊघाट तक पहुंची।

सोमवार को एक अभिनव परंपरा की शुरुआत तब हुई, जब पहली बार यमुना मिशन द्वारा जगन्नाथ रथ नौका यात्रा का आयोजन किया गया। करीब दर्जनभर नावों को फूलमालाओं-ध्वज पताकाओं से सजाया गया। एक नाव में भगवान जगन्नाथ, यमुनाजी आदि के विग्रह सजाए गए थे। सबसे पहले श्रीविग्रहों का पूजन अर्चन किया गया और नौका यात्रा का शुभारंभ किया गया। इसी नाव पर यमुना मिशन के संस्थापक प्रदीप बंसल अन्य साधु संतों के साथ बैठे हुए थे। इसके अलावा अन्य नावों पर संस्था कार्यकर्ता और जन सामान्य के लोग थे।

जगन्नाथ रथ नौका यात्रा सदर स्थित महादेव घाट से प्रारंभ हुई। इसके बाद सभी लोग हरिनाम संकीर्तन करते हुए सुदर्शन घाट और सूर्य घाट होते हुए विश्राम घाट पहुंचे। यहां नौका यात्रा में सवार साधु संतों और अन्य श्रद्धालुओं ने विश्राम घाट पर स्थित मंदिरों में दर्शन और पूजन किए। इसके बाद नौका यात्रा गऊघाट पर पहुंची, जहां संध्या आरती की गई। इसके पश्चात फलाहारी बाबा, श्याम सुंदर पाराशर आदि साधु संतों ने प्रवचन दिए और प्रसाद वितरण हुआ।
कार्यक्रम में अरुण शर्मा, देवेंद्र शर्मा, राजीव शर्मा, सागर यादव, रश्मि शर्मा, मोहित माहेश्वरी, सतीश, दाऊदयाल और उमेश आदि मौजूद थे।
