
मथुरा। ‘प. नथाराम लोकसाहित्य शोध-संस्थान, हाथरस’ तथा ‘ब्रज संस्कृति केंद्र’ मथुरा’ के संयुक्त तत्वावधान में हाथरसी स्वांग के युगपुरुष पंडित नथाराम गौड़ की 80 वीं पुण्यतिथि पर ‘कृतज्ञताअनुष्ठान: भावांजलि- 2022’ का आयोजन श्याम-प्रेस परिसर में आयोजित किया गया। जिसकी अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष प.आशीष गौड़ द्वारा की गई तथा मुख्य अतिथि के रूप में जिला उपभोक्ता संरक्षण आयोग के सदस्य श्रीकृष्ण प्रभाकर उपध्य्याय उपस्थित रहे।

विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ एडवोकेट हरीश शर्मा (समन्वयक-जनमंच,हाथरस), सुरेन्द्र पाल शर्मा ‘कबाड़ी बाबा’, जितेंद्र शर्मा (सचिव-काका हाथरसी स्मारक समिति,हाथरस), प्रवीण वार्ष्णेय (अध्यक्ष: एशोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट) तथा लोकनाट्य भगत-सांगीत की शोधकर्ता सङ्गीत विदुषी डॉ. निम्मी गुप्ता मंचासीन थे।

कार्यक्रम से पूर्व विशिष्टजनों ने प. नथाराम की छवि पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की तथा कोषाध्यक्ष प. राहुल गौड़ व उपनीत गौड़ ने आगन्तुकों का उत्तरीय उढ़ाकर स्वागत किया।
तदोपरांत राज्यपाल द्वारा सम्मानित वरिष्ठ साहित्यकार व लोकनाट्यविद डॉ. खेमचन्द यदुवंशी ने खाटू श्याम वन्दना के उपरांत पण्डित नाथराम जी के कृतित्व व व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए झूलना छंद में निबद्ध भावांजलि कुछ इस प्रकार अर्पित की
” 23 मई की वो सन्ध्या थी,सांगीत की शाम दिखती थी।
सभी की आँख टी नम थीं,न कोई आस दिखती थी।।
न उनके जैसा कोई युग पुरुष,दुनियाँ में दिखता है।
हाथरसी स्वांग का होगा क्या,जनता चिंतित दिखती थी।।
आज साहित्य जिंदा है,वे कलाकार में जिंदा हैं।
स्वांग की गायकी में आज भी नथाराम जिन्दा हैं।।
ढोलक की थाप में नक्कारे की अनुगूँज में जिंदा हैं।
हाथरसी बच्चे बच्चे में पण्डित नथाराम जिन्दा हैं।।”
इस अवसर पर विशेष रूप से आमन्त्रित हाथरस पुलिस के क्षेत्राधिकारी श्री मनोज कुमार शर्मा जी को नगर के गणमान्य विशिष्टजनों के कर कमलों द्वारा लोकनाट्य भगत-सांगीत व लोकसंस्कृति के प्रति अनुराग व इसके उन्नयन हेतु योगदान के लिये ‘प.नथाराम गौड़ स्मृति सम्मान-2022’ से अलंकृत किया गया।

आयोजन में एक ओर जहाँ वरिष्ठ साहित्यकार गोपाल चतुर्वेदी व विद्यासागर विकल, सुरेन्द्रपाल शर्मा ‘कबाड़ीबाबा’ ने प. नथाराम गौड़ जी से जुड़े संस्मरण प्रस्तुत किये वहीं दूसरी ओर सादाबाद से पधारी मंजू शर्मा ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए गाया-
“स्वांग सम्राट ने डंका बजाया देश भक्ति का।
भाव लोगों के हृदय में जगाया देशभक्ति का।।
स्वांग पुरोधा पण्डित नथाराम को प्रणाम करती हूँ।
दिया सन्देश विदेशों में भी जाकर देशभक्ति का।”

इसी क्रम में बृजभाषा कवि रोशन लाल वर्मा ने स्वरचित कुंडली-
” पण्डित नथाराम जी आपको,हम कोटिक करें प्रणाम।
छंद सोरठा लावनी तुम वहाँ भी लिखो तमाम।।
वहाँ भी लिखो तमाम,आपके चौबोला हों प्यारे।
सांगीत सम्राट वहाँ भी रहो, सुने वहाँ श्रोता प्यारे।।
कहे रोशन कविराय विधा आपकी महिमा मंडित।
नाम अमर कर गए यहाँ नथाराम जी पण्डित।।”
का सुमधुर गायन कर भावांजलि अर्पित की।
सुकवि श्याम बाबू चिंतन द्वारा जब स्वरचित पुष्पांजलि-
“गौड़ साहब श्रद्धांजलि श्रद्धा फ़र्ज़ का नाम।
सांगीत के क्षेत्र में अमर रहेगा नाम।।
स्वांस तो आयी जन्म संग,संग न आयौ नाम।
स्वांस मरी नाम ना मरौ, कर गए ऐसौ काम।।”
प्रस्तुत की तो वातावरण गमगीन हो उठा जिसे सुविख्यात कवि बाबा देवी सिंह निडर ने अपनी रचना-
“पण्डित नथाराम की पुण्य तिथि है आज।
श्याम प्रेस में दे रहा, श्रद्धांजलि समाज।।
श्रद्धांजलि समाज आज उन बिन सङ्गीत अधूरा।
नई पीढ़ी में यदुवंशी जी उसे कर रहे पूरा।। के माध्यम से रसमयी बना दिया।

इसी क्रम में प.नथाराम गौड़ जी के पैतृक गाँव दरियापुर निवासी वरिष्ठ कवि भोजराज सिंह ‘भोज’, युवा गीतकार दीपक रफी वार्ष्णेय, प्रभु दयाल दीक्षित ‘प्रभु आदि कवियों ने काव्यात्मक भावांजलि प्रस्तुत की तथा ब्रज कला केन्द्र हाथरस के सचिव व पूर्व प्रधनाचार्य गिर्राज सिंह गहलौत,ऋषि कुमार कौशिक (पूर्व अध्यक्ष-ब्राह्मण महासभा हाथरस), अविनाश पचौरी (पूर्व अध्यक्ष-ब्राह्मण महासभा हाथरस),संदीप सांडिल्य,नंद किशोर निर्मोही, सङ्गीत विदुषी डॉ. निम्मी गुप्ता तथा प. नथाराम गौड़ के परिजन राहुल गौड़, ज्योति गौड़, उपनीत गौड़,लक्ष्मी गौड़, आशीष गौड़, नीतू गौड़, कार्तिक गौड़,स्वस्तिक गौड़ (पुन्नू गुरु) आदि ने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए अपने विचार व्यक्त किये।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प.आशीष गौड़ ने स्पष्ट किया – ” प.नथाराम गौड़ जी को हाथरस की शान बताते हुए कहा कि उन्होंने हाथरसी स्वांग को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई थी,आज भी विश्व के कई विश्वविद्यालयों में पण्डित जी के स्वांगों का अध्ययन कराया जा रहा है।
संयोजक आशुकवि प. अनिल बोहरे ने त्वरित रचित पुष्पांजलि अर्पित करते हुए तीन शब्दों से त्वरित कविता रचकर उपस्थित जनसमूह को आश्चर्य चकित कर दिया।
कार्यक्रम में ब्रजेश वशिष्ठ, मोरमुकुट शर्मा, स्वरित मांगलिक, जय शंकर परासर, धर्मवीर सिंह, प.कुलदीप किशोर शास्त्री, टिंकू मास्टर आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

आयोजन का सफल संचालन डॉ. खेमचन्द यदुवंशी तथा आशुकवि प.अनिल बोहरे द्वारा संयुक्तरूप से किया गया तथा कोषाध्यक्ष राहुल गौड़ ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।