स्वास्थ्य कर्मियों के परिजनों को मिले टीकाकरण में प्राथमिकता-राजपूत

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मथुरा। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोशिएशन के अध्यक्ष एवं चीफ फार्मासिस्ट डा.सतीश राजपूत ने कहा कि जहां आज देश इस कोरोना वायरस महामारी से जूझ रहा है वहीं देशभर के स्वास्थ्य कर्मी अपनी जान की बाजी लगा कर इस महामारी से इन्सानों की जिंदगी बचाने का प्रयास कर रहे हैं। डाक्टर, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन,नर्स,बार्ड ब्याय आदि जो कि (संदिग्ध/कोरोना पाजि़टिव) मरीजों के उपचार में लगे रहते हैं। इमरजेंसी सेवाएं,कोविड अस्पताल,कोरोना वैक्सीनेशन, आदि में सेवाएं दे रहे हैं।

इमरजेंसी इस समय संदिग्ध और कोरोना पॉजिटिव मरीजों से भरी रहती है उन्हीं के बीच रहकर यह मरीजों को 12-12 घंटे सेवाएं प्रदान कर रहें हैं इस बात का भी भय और मानसिक दबाव बना रहता है कि कहीं हम भी इस रोग से ग्रसित न हो जाएं। देश में कई स्वास्थ्य कर्मी अपनी जान भी गंवा चुके है। 12 घंटे सेवा करने के बाद अपने घर परिवार के बीच जाना पड़ता है और हमेशा भय बना रहता है कि कहीं हमारी वजह से हमारा परिवार भी संकट में न पड जाए। ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है है कि कोरोना पॉजिटिव मरीजों की सेवा करने के उपरांत कहीं अलग रह सकें। ऐसी परिस्थितियों में आवश्यक है कि जिस प्रकार सरकार द्वारा सर्वप्रथम फ्रंट लाइन वर्करों को वैक्सीनेशन कराया गया था उसी प्रकार पहले स्वास्थ्य कर्मियों के परिवार के हर उम्र के प्रत्येक सदस्य का टीकाकरण में वरीयता दी जाए, जिससे स्वास्थ्य कर्मी मानसिक रूप से आश्वस्त रहें। और बिना किसी भय,और मानसिक दबाव के जी-जान से मरीजों की सेवा में तत्पर रहें।

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