भगवान श्रीविष्णु को प्रिय और भोग-मोक्ष प्रदाता है कार्तिक मास
हरिजागरणं प्रातः स्नानंतुलसिसेवनम्।उद्यापनं दीपदानं व्रतानयेतानि कार्तिके।। रात्रि में भगवान विष्णु के समीप जागरण प्रातः काल स्नान करना, तुलसी के सेवा में संलग्न रहना, उद्यापन करना और दीप दान देना-यह कार्तिक मास के 5 नियम है।(पदम पुराण, उ. खंडः117.3)इन 5 नियमों का पालन करने से कार्तिक मास का व्रत करने वाला पुरुष व्रत के पूर्ण फल […]
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