डीएम से बोला प्रतिनिधिमंडल, किसानों को भ्रमित कर रहे हैं अधिकारी
कोटा मौजा में शहरी क्षेत्र के अनुसार मुआवजा निर्धारण कराने की मांग
मथुरा। कोटा और मोरा गांवों के किसानों ने भूमि अधिग्रहण पर रेलवे द्वारा उचित मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर मंगलवार को डीएम कार्यालय पर नारेबाजी और धरना प्रदर्शन किया। भारतीय किसान यूनियन सुनील के पदाधिकारियों ने डिप्टी कलक्टर आदेश कुमार को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। इसके बाद वार्ता में किसानों के प्रतिनिधिमंडल को डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने उचित मुआवजे का आश्वासन दिया।
मंगलवार को भाकियू कार्यकर्ता रेलवे द्वारा भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजे की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने धरना दिया। जिसके बाद डिप्टी कलक्टर आदेश कुमार ने डीएम के प्रतिनिधि के तौर पर उनसे ज्ञापन लिया। हालांकि भाकियू ने डीएम से वार्ता की मांग की, जिसके बाद प्रतिनिधिमंडल के साथ डीएम ने वार्ता की। प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ नेता कुंवर नरेंद्र सिंह, भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन चतुर्वेदी और राष्ट्रीय महासचिव लक्ष्मण चौधरी ने कहा कि भूमि अधिग्रहण में रेलवे और जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा किसानों को भ्रमित किया जा रहा है। कोटा मौजा नगर निगम क्षेत्र में आता है, लेकिन यहां के किसानों को शहरी क्षेत्र के अनुसार मुआवजा नहीं दिया जा रहा। रेलवे अधिकारी निरंतर किसानों का उत्पीड़न कर रहे हैं जिसे सहन नहीं किया जाएगा। गांव नगला मोरा में राजस्व विभाग के अधिकारी किसानों के घरों का सही ढंग से सर्वे भी नहीं कर रहे। एक सप्ताह से कोटा और नगला मोरा में भाकियू का धरना चल रहा है लेकिन कोई भी अधिकारी किसानों के बीच नहीं पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि किसानों की मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन किया जाएगा। चेतावनी दी कि अनिश्चितकालीन आंदोलन भूख हड़ताल में बदला जाएगा और जरूरत पड़ने पर रेल ट्रैक को जाम करने से पीछे नहीं हटेंगे।
इस अवसर पर भाकियू जिलाध्यक्ष थान सिंह पहलवान, बबलू चौधरी, भाकियू के युवा प्रदेश अध्यक्ष बिट्टू पंडित, महानगर अध्यक्ष भरत अग्रवाल, प्रयागनाथ चतुर्वेदी, अनिल शर्मा, विश्वेंद्र चौधरी, नवाव पौनियां, धीरज शर्मा, मानिकचंद और अशोक चौधरी आदि मौजूद रहे।
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