
मथुरा। ‘ब्रज संस्कृति केन्द्र’ व ‘अखिल भारतीय लोक कलाकार संघ मथुरा’ के संयुक्त तत्वावधान में ब्रज के सुप्रसिद्ध लोक-नर्तक गिरधर गोपाल के आकस्मिक निधन पर एक ऑनलाइन शोक-सभा का आयोजन किया गया।
सभा के प्रारम्भ में राज्यपाल द्वारा अकादमी पुरस्कार से पुरस्कृत लोक कला विशेषज्ञ डॉ. खेमचन्द यदुवँशी ने स्पष्ट किया- ” जीवन क्षणभंगुर है इस दुनिया में हम सभी ईश्वर के निर्देशन में रहते हैं।
पद्मश्री मोहन स्वरूप भाटिया ने दिवंगत कलाकार के कृतित्व व व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। अध्यक्षता कर रहे कला उन्नायक व कान्हा अकादमी के अध्यक्ष पण्डित अनूप शर्मा ने गिरधर गोपाल के नाम पर एक पुरस्कार स्थापित करने की मांग की।
लोक कलाकार राजेश शर्मा ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। चंचल भारती नई दिल्ली, प्रदीप कुमार, डॉ. अष्ठभुजा मिश्रा (बनारस), डॉ. नूतन कुमारी नूतन (मोतिहारी) राकेश कुमार पाण्डेय (जमशेदपुर, झारखण्ड), डॉ. मुकेश कुमार वर्मा ( नेत्र विशेषज्ञ: सवाई मैन सिंह अस्पताल, जयपुर), अंकुर तिवारी (अध्यक्ष- राजस्थान सङ्गीत संस्थान, जयपुर), राम गोपाल ‘सत्यार्थी’ ( पूर्व वरिष्ठ अधिकारी: प्रसार भारती, नई दिल्ली), हिमांशु झांकल (अध्यक्ष-रस रंग मंच, जयपुर),अरविन्द शर्मा (नई दिल्ली), डॉ. विनय गोस्वामी (निदेशक- सांस्कृतिक प्रकल्प बाँसुरी संस्थान,वृंदावन), डॉ. दीपक गोस्वामी (राष्ट्रीय समन्वयक- आदर्श संस्कारशाला), राजेश कुमार शर्मा (निदेशक-गिर्राज कला संस्थान, गोवर्धन), संजय कुमार शर्मा ( निदेशक-ग्लोबल चरकुला आर्ट अकादमी, संकेत राधाकुंड), एडवोकेट सुरेश कुमार शर्मा (डीग), अशोक कुमार ‘नीलेश’ (अध्यक्ष- भारतीय सांस्कृतिक परिषद,मथुरा), राजेश शर्मा (आकाशवाणी-आगरा) के साथ साथ ब्रजभाषा साहित्य एवं लोक कला संस्थान मथुरा की निदेशक- डॉ. सीमा मोरवाल, ब्रजरत्न वन्दना श्री, चरकुला कालाकर जया सक्सेना, लोकगायिका शालिनी शर्मा, नीतू शर्मा, किरन सिंह, वरिष्ठ पत्रकार चन्द्र प्रताप सिकरवार, राकेश कुमार शर्मा, रासचार्य बाँके बिहारी शर्मा, अशोक शर्मा, एंकर व गायक आशु शर्मा, अभिराज शर्मा, राज कुमार यादव,शेखर शर्मा, बल्लो बाबा,घनश्याम भारद्वाज, दानी शर्मा, हरि ओम शर्मा, सोनू शर्मा, जोशी इवेंट,प. राजेन्द्र कृष्ण उपाध्याय, अश्वनी कुमार, सचिन ब्रजवासी प्रमुख थे।
शोक सभा का संचालन डॉ. खेमचन्द यदुवँशी द्वारा किया गया तथा डॉ. दीपक गोस्वामी ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आभार प्रकट किया।
