– 55 वर्षीय आर्या को भीख मांगते मांगते किया दोनो आंखों से अन्धा
भरतलाल गोयल
फरह। चुरमरा स्थित वाइल्ड लाइफ एसओएस के हाथी सरंक्षण गृह में चिहुकते हाथियों के कुनबे में बीते दिन एक दुखियारी हथिनी का भी नाम जुड गया। हालांकि उसे अभी मैडिकल जांच के अधीन है। डॉक्टरों के अनुसार 55 वर्षीय हथिनी आर्या की दृष्टि नदारद है। लेजर थेरेपी और ह्य्द्रोथेरेपी द्वारा इलाज किया जा रहा है। हथिनी अंडर वेट के साथ साथ कुपोषण का भी शिकार है। एस ओएस के सीईओ कार्तिक नरायन बताते है की हथिनी को गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर भीख मांगने में प्रयुक्त किया जाता था। वह दोनों आंखों से अन्धी है। बायीं आंख सम्भवत अंकुश ( कील) के गलत प्रयोग करने से चली गई है तो दायीं आंख की रोशनी कुपोषण के कारन खत्म हो चुकी है। एस ओ एस के पशु हॉस्पिटल में आर्या डॉक्टरों के पर्यवेक्षण में रखी गई है। एमडी ब्बैजू राज ने बताया कि पीडित आर्या को यहां तक लाने में वन विभाग के योगदान को भी नही भुलाया जा सकता।