मुआवजा प्रकरण में प्रशासन और किसानों की वार्ता विफल

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मथुरा । रेलवे द्वारा गांव कोटा मौजा के भूमि अधिग्रहण में मुआवजे का प्रकरण सुलझाने के लिए आयोजित हुई प्रशासन और किसानों की वार्ता विफल हो गई। अपने अपने पक्ष में दोनों ओर से बात रखी गई, लेकिन सहमति नहीं बन सकी।

शुक्रवार को कलक्ट्रेट स्थित सिटी मजिस्ट्रेट राकेश कुमार के कार्यालय में किसानों ओर प्रशासन की वार्ता हुई। वरिष्ठ नेता कुवर नरेंद्र सिंह, भारतीय किसान यूनियन सुनील के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन चतुर्वेदी, भाकियू चौधरी चरण सिंह के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी पुष्पेंद्र बघेल ने भूमि अधिग्रहण पर किसानों का पक्ष रखा।
उनहोंने कहा कि कोटा मौजा नगर निगम में आता है, यहां की जमीन का सर्किल रेट 7500 रुपये वर्ग गज है लेकिन रेलवे द्वारा किसानों को 1400 रुपये वर्ग गज के हिसाब से रुपये दिए जा रहे हैं। गांव नगला मोरा में जमीन का रेट दो करोड़ रुपये प्रति बीघा है। जबकि सर्किल रेट आठ लाख रुपये प्रति बीघा है। कई वर्षों से नगला मोरा की जमीन का सर्किल रेट नहीं बढ़ाया गया। किसान नेताओं ने इस बात पर नाराजगी जताई कि राजस्व विभाग के अधिकारी पूर्ण रूप से किसानों के घरों का सर्वे भी नहीं कर रहे। कोटा मौजा के किसी भी किसान ने सहमति पत्र भी नहीं दिया है लेकिन रेलवे के अधिकारी मनमानी कर रहे हैं, जिसे सहन नहीं किया जाएगा।

किसानों ने अधिकारियों से कहा कि जब तक उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक एक इंच जमीन रेलवे को नहीं देंगे। हालांकि प्रशासन का कोई जवाब किसानों को संतुष्ट नहीं कर सका। भाकियू नेता पवन चतुर्वेदी ने कहा कि भूमि अधिग्रहण के संबंध में शनिवार को किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल आगरा जाकर केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेंगा।
भाकियू सुनील के राष्ट्रीय महासचिव लक्ष्मण चौधरी, जिला अध्यक्ष थान सिंह पहलवान और वरिष्ठ नेता प्रयागनाथ चतुर्वेदी ने कहा कि यह आंदोलन जिले की हर तहसील में होगा। अनिल शर्मा, सोनू शर्मा, नवाब पूनिया, मानिक चंद, ख्याली राम, गोपीचंद, ओम प्रकाश, गोकुल चंद्र, भूदेव, श्रीराम, प्रदीप, अनिल, नरोत्तम और धीरज आदि मौजूद थे।

वर्जन-

मुआवजा प्रकरण में किसानों की समस्याएं सुनी गई हैं, उनके समाधान की दिशा में कदम बढ़ाएंगे। फिलहाल बातचीत चल रही है।

राकेश कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट

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