वृंदावन में दोदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन मंगलवार से, मंत्री आएंगे

बृज दर्शन

-मिथिला एवं ब्रजभूमि के अंतर्संबंध को मिलेगा नया आयाम, आयोजित होंगे विभिन्न कार्यक्रम

मुख्य संरक्षक ने तैयारियों की समीक्षा की

मथुरा/वृंदावन। मैथिली अधिकार दिवस के रूप में दो दिवसीय 18वें अंतरराष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन की शुरुआत 22 दिसंबर को मैथिल परिधान में भव्य शोभायात्रा के साथ होगा। शोभा यात्रा वृंदावन के प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए फोगला आश्रम स्थित कार्यक्त्रम स्थल पर पहुंचेगी। सोमवार को फोगला आश्रम में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आयोजन समिति के स्वागताध्यक्ष पंडित गंगाधर पाठक ने बताया कि कार्यक्त्रम का विधिवत शुभारंभ स्वामी श्री गोविंदानंद जी तीर्थ, श्री वृंदावन धाम एवं स्वामी श्री फूलडोल दास जी महाराज, चार संप्रदाय अध्यक्ष, चेतन कुटी, श्री वृंदावन धाम मंगलवार को संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर करेंगे। जबकि मौके पर कार्यक्त्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर एवं श्रीवृंदावन के विधायक श्याम सुंदर शर्मा के साथ दरभंगा नगर विधायक संजय सरावगी की गरिमामय उपस्थिति रहेगी।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सम्मेलन के महासचिव डॉ बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने मैथिली अधिकार दिवस के रूप में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किए जाने के उद्देश्यों की विस्तार से जानकारी देते बताया कि भारतीय साहित्य एवं संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन मे मिथिला-मैथिली के अवदान के प्रति मिथिला के बाहर रह रहे प्रवासी मैथिलों में जागृति पैदा करना है।
मीडिया संयोजक एवं अंतर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन के प्रवक्ता प्रवीण कुमार झा ने ब्रजभूमि एवं मिथिला के पुरातन संबंधों की चर्चा करते हुए इस कार्यक्रम में मिथिला एवं ब्रजभूमि के बीच के अंतर संबंधों को नए रूप में स्थापित करने में कारगर बताते कहा कि संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल भाषाओं के उत्साहवर्धन के साथ मैथिली साहित्य एवं मिथिला की गौरवशाली संस्कृति की दमदार उपस्थिति मिथिला के बाहर दर्ज कराना है।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि यह सम्मेलन न सिर्फ कोरोना के सभी निर्धारित सुरक्षा मापदंडों का अनुपालन करते मनाया जाएगा बल्कि सम्मेलन के संगोष्ठी प्रभारी मणिकांत झा के नेतृत्व में कोरोना महामारी के कारण एवं निदान विषयक अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सम्मेलन के अन्य आकर्षणों में मिथिला रत्न सम्मान एवं बहु-भाषा कवि गोष्ठी के साथ दोनों दिन भव्य रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्त्रम का आयोजन किया जाएगा। जिसमें मिथिला एवं ब्रजभूमि के स्थापित कलाकार अपनी दमदार प्रस्तुति देंगे। पत्रकार वार्ता को सम्मेलन के मुख्य संरक्षक इंजीनियर अजय कुमार चौधरी, सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ महेंद्र नारायण राम, चेतना समिति पटना के अध्यक्ष एवं अंतरराष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन के उपाध्यक्ष विवेकानंद झा आदि ने भी संबोधित किया। इससे पूर्व मुख्य संरक्षक एवं मुख्य अभियंता बिजली विभाग एके चौधरी, पंडित गंगाधर पाठक,संयोजक इंजी. राजीव शर्मा आदि ने सम्मेलन को लेकर समीक्षा की। साथ ही कोरोना गाइड लाइन का पालन कराने पर जोर दिया।

आयोजन
–मंगलवार सुबह बिहारीजी के दर्शन उपरांत निकलेगी शोभायात्रा,विचार गोष्ठी
–कलाकार प्रस्तुत करेंगे विभिन्न कार्यक्रम

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