जीएसटी के कई टैक्स स्लैब से व्यापारी परेशान, एक ट्रेड पर एक टैक्स की मांग

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गिरफ्तारी की शक्ति खत्म करने और जुर्माना घटाने के फैसलों का स्वागत, छोटे कारोबारियों को राहत की उम्मीद

मथुरा। जीएसटी की जटिलताओं से कारोबारियों को राहत दिलाने के लिए एक ट्रेड में अलग-अलग टैक्स दरों के बजाय एक समान टैक्स लागू किया जाए। नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक में लिए गए निर्णयों की समीक्षा के बाद यह मांग उठाई। व्यापारियों ने जीएसटी प्रक्रिया को सरल बनाने, छोटे कारोबारियों पर दंडात्मक कार्रवाई का बोझ कम करने और रिफंड प्रक्रिया में तेजी लाने के फैसलों का स्वागत करते हुए सरकार का आभार जताया।

व्यापार मंडल की कोर कमेटी की बैठक शनिवार को व्यापार भवन स्थित कार्यालय में नगर अध्यक्ष सुनील अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई। इसमें जीएसटी काउंसिल के फैसलों पर चर्चा करते हुए कहा गया कि कई मामलों में व्यापारियों को राहत देने वाले प्रावधान लंबे समय से उठाई जा रही मांगों के अनुरूप हैं। हालांकि, एक ही ट्रेड में अलग-अलग टैक्स दरें लागू होने से कारोबारियों को अब भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसे दूर करने के लिए टैक्स दरों में एकरूपता जरूरी है।

नगर अध्यक्ष सुनील अग्रवाल और महामंत्री शशिभानु गर्ग ने कहा कि जीएसटी अधिकारियों की गिरफ्तारी संबंधी शक्तियों में बदलाव, सामान्य मामलों में न्यूनतम जुर्माने को 25 हजार रुपये से घटाकर 10 हजार रुपये करने और छोटे मामलों में दंडात्मक कार्रवाई का बोझ कम करने जैसे फैसले छोटे व्यापारियों के लिए राहतकारी हैं। इन प्रावधानों से कारोबारियों को अनावश्यक परेशानी से बचाने में मदद मिलेगी।

नगर उपाध्यक्ष रामचंद्र खत्री और गुरमुख दास ने कहा कि जीएसटी पंजीकरण प्रक्रिया को सरल और तेज करने के साथ रिफंड प्रक्रिया में सुधार से छोटे एवं मझोले व्यापारियों को सहूलियत मिलेगी। इससे कारोबार में पूंजी फंसने की समस्या कम होगी और कर अनुपालन को भी बढ़ावा मिल सकता है।

महामंत्री सुनील साहनी और वरिष्ठ मंत्री विकास जिंदल ने कहा कि सही दस्तावेज रखने वाले खरीदारों के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) हितों की सुरक्षा के लिए सप्लायर की चूक से जुड़े मामलों में समिति गठित करने का निर्णय महत्वपूर्ण है। इसके अलावा 10 हजार रुपये से कम के मामलों में नोटिस पर रोक और आपराधिक मामलों में मुकदमे की सीमा एक करोड़ से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये किए जाने जैसे प्रावधान व्यापारियों के लिए राहत देने वाले हैं।

नगर कोषाध्यक्ष मीनालाल अग्रवाल और सहमहामंत्री भगवान चतुर्वेदी ने रिफंड स्वीकार करने की समय सीमा 15 दिन से घटाकर 10 दिन किए जाने के निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे रिफंड प्रक्रिया में तेजी आएगी और व्यापारियों को राहत मिलेगी।

बैठक के अंत में व्यापारियों ने जीएसटी सरलीकरण की दिशा में किए गए प्रयासों पर संतोष जताया और टैक्स व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं सरल बनाने की मांग दोहराई। बैठक का संचालन नगर महामंत्री शशिभानु गर्ग ने किया। इस अवसर पर नगर उपाध्यक्ष राकेश अग्रवाल, दिलीप पांडे, राज नारायण गौड़, मंत्री नागेंद्र वर्मा, प्रेम शंकर अग्रवाल और युवा नगर अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल उपस्थित रहे।

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