संस्कृति विवि के आंतरिक हैकाथॉन 2026 में 294 छात्रों ने दिखाया हुनर

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चित्र परिचयः संस्कृति विश्वविद्यालय में आयोजित आंतरिक हैकाथान 2026 में अपने आइडियाज को प्रस्तुत करते विद्यार्थी।

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय में छात्रों के बीच नवाचार (इन्नोवेशन), रचनात्मकता, समस्या-समाधान कौशल और उद्यमिता की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कैंपस में ‘आंतरिक हैकाथॉन 2026’ का शानदार आयोजन किया।
इस मौके पर अपने संबोधन में मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. एमबी चेट्टी और डीन एकेडमिक्स डा. रेनू गुप्ता ने छात्रों को जीवन में नवाचार और टीम भावना के महत्व को समझाया। उन्होंने छात्रों को प्रेरित किया कि वे तकनीक की मदद से देश की समस्याओं का समाधान खोजें और ‘स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन’ जैसे राष्ट्रीय स्तर के मंचों पर विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करें। उन्होंने छात्रों से अपने विचारों को केवल कागजों तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक और प्रभावशाली समाधानों में बदलने का आह्वान किया।
इस आंतरिक हैकाथॉन में विश्वविद्यालय के छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में कुल 49 टीमों ने भाग लिया, जिसमें प्रत्येक टीम में छह छात्र शामिल थे। टीम के गठन की खास बात यह रही कि हर टीम में कम से कम एक छात्रा का होना अनिवार्य था। इस तरह यूनिवर्सिटी के कुल 294 छात्र-छात्राओं ने इस तकनीकी महाकुंभ में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। सभी प्रतिभागियों ने मिलकर नए और अनोखे आइडियाज पर काम किया, जो उनके तकनीकी ज्ञान, टीम वर्क और समस्या सुलझाने की क्षमता को दर्शाता है।
प्रतिभागी टीमों के कड़े मुकाबले और उनके आइडियाज का मूल्यांकन करने के लिए निर्णायक मंडल में डॉ. दीपांशु शर्मा, डॉ. स्मृति मिश्रा, कृष्ण भारद्वाज, सुमित कुमार और नितेश शामिल थे। जूरी सदस्यों ने सभी टीमों के साथ व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और उनके इनोवेटिव विचारों, तकनीकी दृष्टिकोण, व्यावहारिकता, प्रस्तुतीकरण और भविष्य में होने वाले प्रभाव के आधार पर उनका आकलन किया। बताते चलें कि कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन समारोह के साथ हुई, जिसके बाद हैकाथॉन का औपचारिक उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर संस्कृति यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. एम. बी. चेट्टी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ डीन एकेडमिक्स डॉ. रैनू गुप्ता ने भी शिरकत की। इस पूरे कार्यक्रम को सुचारू और सफल बनाने में एसआईएच आयोजन टीम के डॉ. वीरेंद्र कुमार मेहला और कार्तिकेय पांडे का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने पूरे हैकाथॉन का बेहतरीन समन्वय किया।
कार्यक्रम का समापन डॉ. वीरेंद्र कुमार मेहला द्वारा दिए गए धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। उन्होंने मुख्य अतिथि, डीन एकेडमिक्स, सम्मानित जूरी सदस्यों, संकाय (फैकल्टी) सदस्यों, आयोजन टीम और सभी प्रतिभागी छात्रों को इस हैकाथॉन को सफल बनाने में अपना बहुमूल्य योगदान देने के लिए आभार व्यक्त किया।

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