बेटी के जन्म पर डिलीवरी का पूरा खर्च मैं उठाऊंगा : किशन चौधरी

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महिला दिवस पर केएम अस्पताल की बड़ी पहल

बेटी के जन्म पर डिलीवरी का पूरा खर्च मैं उठाऊंगा : किशन चौधरी

नई ऊर्जा, उत्साह, जुनून के साथ महिलाएं देश के विकास में अपनी निभा रही हैं भूमिका : कुलाधिपति

मथुरा। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर केएम विश्वविद्यालय में महिला सम्मान, सशक्तिकरण और समाज में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष एवं केएम विश्वविद्यालय के कुलाधिपति किशन चौधरी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि केएम अस्पताल में यदि किसी गर्भवती महिला के यहां बेटी का जन्म होता है तो नॉर्मल या सिजेरियन डिलीवरी का पूरा खर्च मैं स्वयं उठाऊंगा। उनकी इस घोषणा का कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं और चिकित्सकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया।

केएम हॉस्पिटल के स्त्री रोग विभाग द्वारा “महिला सशक्तिकरण” विषय पर गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कुलाधिपति किशन चौधरी, कुलपति डा. एन.सी. प्रजापति, मेडीकल प्राचार्य डा. पी.एन. भिसे, पशु चिकित्सालय के डीन डा. अजय प्रकाश शर्मा, मेडीकल सुपरिटेंडेंट डा. अभय सूद और विश्वविद्यालय सलाहकार डा. एस.पी. गोस्वामी ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. ऐश्वर्या त्रिपाठी और डा. अंजली त्यागी ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए अतिथियों का स्वागत किया। वहीं डा. जैनवी, डा. ग्रीषमा, डा. श्रुति, डा. सिरवन, डा. गायत्री और डा. राजलक्ष्मी ने मुख्य अतिथि सहित मंचासीन अतिथियों का गुलदस्ता और पटुका पहनाकर अभिनंदन किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलाधिपति किशन चौधरी ने कहा कि महिला शक्ति, सामर्थ, खुशहाली, तपस्या और त्याग की प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं नई ऊर्जा, उत्साह और जुनून के साथ देश के विकास में अपनी अहम भूमिका निभा रही हैं। हमारे धर्मग्रंथों और पुराणों में भी मां, बहन और बेटी को शक्ति का स्वरूप माना गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी नीतियों के चलते महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

कुलपति डा. एन.सी. प्रजापति ने कहा कि भारत की संस्कृति और परंपराओं में महिलाओं का विशेष स्थान रहा है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं। स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में कार्य करने वाली महिलाएं सेवा, करुणा और समर्पण की सच्ची मिसाल हैं।

पशु चिकित्सालय के डीन डा. अजय प्रकाश शर्मा ने कहा कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का वास होता है। नारी को शक्ति का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी महिलाओं की महत्ता को सर्वोपरि बताया और कहा कि हमारे धार्मिक परंपराओं में भी देवी को सर्वोच्च स्थान दिया गया है।

इस अवसर पर मेडीकल प्राचार्य डा. पी.एन. भिसे, विश्वविद्यालय सलाहकार डा. एस.पी. गोस्वामी और एडीशनल मेडीकल सुपरिटेंडेंट डा. आर.पी. गुप्ता ने भी महिला सशक्तिकरण पर अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम के अंत में कुलाधिपति, कुलपति एवं अन्य अधिकारियों ने समाज और चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को गुलाब और उपहार देकर सम्मानित किया तथा उनके साथ भोजन कर उनका उत्साहवर्धन किया।

इस मौके पर अस्पताल की जनरल मैनेजर स्वाति शर्मा, वेटरिनरी के सहायक डीन डा. पिताम्बर, स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डा. धन सिंह, नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डा. एम.के. तनेजा सहित यूजी-पीजी की महिला चिकित्सक और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।

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