
कदंब विहार कॉलोनी में हिन्दू सम्मेलन आयोजित
मथुरा। कदंब विहार कॉलोनी के दयानंद पार्क में आयोजित हिन्दू सम्मेलन में मुख्य अतिथि श्री गुरुकार्ष्णि श्री विश्वचैतन्य जी महाराज श्री गुरुकार्ष्णि रमणरेती आश्रम ने कहा है कि यदि मानव जीवन मिला है तो सभी से प्रेम करो। किसी से कोई भेद मत करो। संकल्प लो कि जो हो गया सो हो गया। सभी से प्रेम करो, क्योंकि यह संसार रूपी बगीचा ईश्वर ने बनाया है। भेदभाव रखोगे तो दुःखी रहोगे। कण- कण में ईश्वर देखोगे तो सुखी रहोगे। असहाय की मदद करें।
उन्होंने परिवार एकता और समाज एकता पर प्रकाश डाला। हम वेद, पुराण और भागवत कथाओं में जो सुनते हैं उनका अपने जीवन में पालन करो। मनुष्य की सेवा हो या माता- पिता की सेवा हो या पशु- पक्षियों की सेवा हो वह सीधे नारायण की सेवा है। सभी में परमात्मा को देखो यदि सभी में परमात्मा दिखाई देगा तो किसी से बैर नहीं होगा। अपना धर्म कितना भी छोटा क्यों न हो उसे नहीं छोड़ना है और कोई धर्म कितना भी बड़ा क्यों न हो उसे भी नहीं अपनाना है।
मुख्य वक्ता प्रदीप अग्रवाल विभाग सह संपर्क प्रमुख राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कहा है आरएसएस पर कई बार प्रतिबंध लगाया गया है। हर बार संघ पहले से और मजबूत होकर उभरा हैं। उन्होंने संघ पंच परिवर्तन और संघ की सौ वर्ष की यात्रा पर और हिंदू सम्मेलन की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने हिंदुओं से संगठित होने का आव्हान किया। मीरा चौधरी एवं डॉ० अलका लांबा ने अपने उद्बोधन में महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया और नारी तू नारायणी के भाव पर प्रकाश डाला।

भारत माता की आरती और प्रसादी का वितरण कर सम्मेलन का समापन हुआ। इससे पूर्व अतिथियों ने भारत माता के चित्रपट पर पुष्पांजलि अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलित कर हिन्दू सम्मेलन का शुभारंभ किया। सम्मेलन में आरबीएस मॉडर्न स्कूल के बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। सम्मेलन में भारत माता की जय, वंदेमातरम् , जय श्रीराम, हर हर महादेव के गगनभेदी नारे गुंजायमान होते रहे।
सम्मेलन की अध्यक्षता राधेश्याम गुप्ता एवं संचालन विपिन शर्मा ने किया।
इस अवसर पर समिति सचिव सतीश शर्मा, ब्रजमोहन अग्रवाल, कैलाश चंद अग्रवाल, मुकेश शर्मा, हरिओम गुप्ता, एडवोकेट विजेंद्र वैदिक, गिरधारी, नीलम खंडेलवाल, ललिता शर्मा, प्रभा अग्रवाल, बच्चू सिंह, रमेश गौतम, सुमित वर्मा, भगत सिंह पटेल, पीताम्बर महाराज, चंद्रभान, विक्रम सिंह आदि भारी संख्या में सनातनी हिंदू उपस्थित रहे।