रंगेश्वर महादेव भक्त मंडल ने मनाया बाबा रंगनाथ का प्राकट्योत्सव, अलौकिक श्रृंगार देखकर श्रद्धालु हुए भक्ति में सराबोर

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कृष्ण-बलदेव का वाकयुद्ध, जज बनकर प्राकट्य भयै रंगेश्वर महादेव, किया फैसला

मथुरा। कंस वध के बाद भगवान कृष्ण और शेषावतार बलदेव के वाकयुद्ध के जज बने औघड़दानी भगवान रंगेश्वर महादेव का प्राकट्योत्सव बीतीरात रंगेश्वर भक्त मंडल समिति के सदस्यों एवं अमित पुजारी ने श्रद्धा भक्ति के साथ मनाया। इस दौरान रंगेश्वर महादेव का हैप्पी बर्थ डे समारोह कंस वध होने के बाद मनाया गया। भक्तों ने भगवान का मंत्रोच्चारण के मध्य अभिषेक और मनोहारी श्रृंगार किया। जिसे देखने के लिए दूसरे दिन भी भक्तों का सैलाब उमड़ता रहा।
गौरतलब हो कि कंस का वध करने के बाद भगवान श्रीकृष्ण ने कहा कि कंस का वध मैंने किया है, तो बलराम ने कहा कि मैंने वध किया है। इसी बात को लेकर दोनों बहस करने लगे तभी जमीन से भगवान रंगेश्वर महादेव प्रकट हुए और कहा कि कृष्ण तुम छलिया हो तुमने छल से मारा है और बलराम तुम बलिया हो तो तुमने बल से मारा है। यह कहकर दोनों भाइयों को शांत किया।
मान्यता है कि कृष्ण और बलदेव ने अपने-अपने रण कौशल से कंस का संहार किया। संहार के बाद बलदेव और कृष्ण दोनों भाइयों में विवाद हो गया। दोनों कंस को मारने का श्रेय लेने लगे। कृष्ण ने कहा मैंने मारा और बलदेव ने कहा मैंने मारा। इस वाकयुद्ध के बीच में रंगनाथ बाबा प्रकट हुए और कृष्ण एवं बलदेव दोनों से कहने लगे रंग है तुम्हारा रंग है। बाबा ने कृष्ण से कहा तुमने छल से कंस को मारा और बलदेव से कहने लगे तुमने बल से कंस को मारा है। इसके बाद कृष्ण बलदेव के बीच का वाकयुद्ध शांत हो गया।

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