पुनीत इस्सर और सिद्धार्थ इस्सर ने साकार किए महाभारत के प्रसंग, जीवंत किया गीता सार

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मथुरा। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में धौली प्याऊ स्थित रेलवे ग्राउंड पर चल रहे ब्रज रज उत्सव में बृहस्पतिवार की शाम आध्यात्मिकता, कला और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला।
वरिष्ठ अभिनेता पुनीत इस्सर एवं उनके पुत्र सिद्धार्थ इस्सर ने अपनी भव्य प्रस्तुति ‘जय श्रीकृष्णा गीता सार’ के माध्यम से श्रीकृष्ण के जीवन दर्शन और भगवद्गीता के दिव्य उपदेशों को मंच पर साकार कर दिया।
इस महानाट्य में कुरुक्षेत्र की रणभूमि का दृश्य और अर्जुन–श्रीकृष्ण संवाद का वह अमर प्रसंग जीवंत हो उठा, जब श्रीकृष्ण अर्जुन को धर्म, कर्तव्य और कर्मयोग का ज्ञान देते हैं। इसमें महाभारत के विभिन्न प्रसंगों के संवादों की शक्ति, भावपूर्ण अभिनय और प्रभावशाली मंच सज्जा ने दर्शकों को अध्यात्म की गहराइयों तक पहुंचा दिया।
श्रीकृष्ण के भावप्रवण अभिव्यक्ति और शांति से ओतप्रोत संवादों से सभी का मन जीत लिया, वहीं दुर्योधन, भीम,
अर्जुन ने गूंजदार आवाज़ से मंच पर ऐसी आभा बिखेरी कि पूरा पंडाल “जय श्रीकृष्णा” के उद्घोषों से गूंज उठा।
संवाद, गीत संगीत, नृत्य, वेश भूषा, दृश्य प्रभाव के संयोजन ने प्रस्तुति को और भी भव्य बना दिया। मंच पर युद्धभूमि की झलक और प्रकाश–ध्वनि तकनीक ने दर्शकों को महाभारत काल के उस अद्भुत क्षण में ले जाकर खड़ा कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान दर्शक कभी भावविभोर होकर शांत बैठे रहे, तो कभी तालियों और जयकारों से उत्सव स्थल गूंज उठता रहा।
इस महानाट्य की शुरुआत राधा कृष्ण के बीच संवाद से होती है, जिसमें राधा रानी कृष्ण के समझ शिकायत दर्ज कराते हुए वर्तमान में हो रहे अनाचार से अवगत कराती हैँ। कहतीं हैँ कि धर्म की स्थापना के लिए महाभारत की कथा सुनानी चाहिए। इस पर कृष्ण कहते हैँ कि भारत के लिए महाभारत का ज्ञान आवश्यक है। फिर शुरु होता है महाभारत का चित्रण।
इससे पूर्व जयश्रीकृष्णा गीता सार महानाटय के शुभारम्भ अवसर पर ठाकुर श्री बांके बिहारी जी मंदिर हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी, वृन्दावन, मथुरा के सदस्य मा० जिला एवं सत्र न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) मुकेश मिश्रा ने दीप प्रज्ज्वलन किया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, कलाकार, साहित्यकार और संस्कृति प्रेमी उपस्थित रहे।


शुक्रवार के कार्यक्रम

  • चेतना शर्मा कत्थक नृत्य -2.30 बजे
  • दानी शर्मा चरकुला नृत्य गायन -3.5 बजे
  • सरिता लोक नृत्य, कत्थक नृत्य – 4.5 बजे

अतिथि कलाकारों की प्रस्तुति- शाम 6 बजे

दूरदर्शन द्वारा लोक गीत संध्या

साधो बैंड द्वारा भक्ति गीत संगीत

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