भूतेश्वर महादेव मंदिर, मथुरा। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस स्थान पर भगवान शिव ने अपने भूतगणों के साथ ध्यान लगाया था, जिससे इसका नाम ‘भूतेश्वर’ पड़ा। इस मंदिर का उल्लेख विभिन्न पुराणों और धार्मिक ग्रंथों में भी मिलता है। जहां भगवान भूतेश्वर पूरे शहर की रक्षा करते हैं। पौराणिक मान्यता है कि, भगवान शिव सावन में मथुरा आए थे और ब्रजवासियों ने उनका दुग्धाभिषेक कर बेल पत्र चढ़ाया था।
भूतेश्वर महादेव मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है। यह एक शक्तिपीठ भी है जहाँ माता सती के सती होने पर उनकी अंगूठी गिरी थी।माँ कात्यानी देवी के नाम से जाना जाता है
भूतेश्वर महादेव मंदिर, सबसे पुराने मंदिरों में से एक है, जिसमें पाताल देवी गुफा भी है, जहाँ राजा कंस ने भगवान की पूजा की थी।
भूतेश्वर महादेव मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है। यह एक शक्तिपीठ भी है जहाँ माता सती के सती होने पर उनकी अंगूठी गिरी थी।माँ कात्यानी देवी के नाम से जाना जाता है
कुछ पौराणिक कथाओं के अनुसार, मथुरा की स्थापना तब हुई जब शत्रुघ्न ने मधु नामक राक्षस का वध किया था। श्री राम के छोटे भाई शत्रुघ्न ने राक्षस के वध के बाद मथुरा की स्थापना की थी। मथुरा में भूतेश्वर मंदिर हज़ारों सालों से मौजूद है
दैत्यों कासंहार करने की वजह से इनका नाम भूतेश्वर महादेव पड़ा. द्वापर में भगवान कृष्ण की पूजा करने और भगवान शिव द्वारा ब्रज वासियों की रक्षा के लिए यहां विराजमान होने के कारण भोलनाथ का नाम शहर कोतवाल पड़ गया. शास्त्रों में भगवान भूतेश्वर का उल्लेख केदारनाथ की उपलिंग के रूप में मिलता है
समय-समय पर विभिन्न शासकों और राजाओं ने इस मंदिर की मरम्मत और विस्तार कार्य करवाया, जिससे इसकी प्राचीनता आज भी बरकरार है। मुगल शासन के दौरान भी इस मंदिर को संरक्षित रखा गया और राजा मान सिंह द्वारा इसका पुनर्निर्माण किया गया।
भूतेश्वर महादेव मंदिर एक ऐसा मंदिर है जो भगवान शिव को समर्पित है। मथुरा में चार महादेव मंदिर हैं, जो मथुरा नगरी के रक्षक माने जाते हैं। पूर्व में पिघलेश्वर, उत्तर में गोकर्णेश्वर, दक्षिण में रंगेश्वर महादेव और पश्चिम दिशा के क्षेत्रपाल भूतेश्वर माने जाते हैं। जिनके बारे में कहा जाता है कि, जब तक यात्री श्री भूतेश्वर महादेव जी के दर्शन नहीं करते तब तक उनकी यात्रा सफल नहीं होती है।
श्री भूतेश्वर महादेव मन्दिर में माँ काली, श्री पाताल देवी, श्री गिरिराज महाराज के साथ-साथ अन्य सुन्दर मंदिर भी मौजूद है। हर साल भाद्रपद मास को इसी मन्दिर से बृज चैरासी कोस परिक्रमा प्रारम्भ और समाप्त होती है। इसके साथ हीं यहां सोमवारी और प्रदोष व्रत के दिन विशेष पूजा की जाती है, जिससे भक्तों को मनोवांछित फल प्राप्त होते हैं। मंदिर के प्रांगण में स्थित पवित्र सरोवर में स्नान करने से आत्मा की शुद्धि और पापों से मुक्ति की भी मान्यता है।
भूतेश्वर महादेव मंदिर मथुरा की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का अद्वितीय उदाहरण है। यहां की दिव्यता, शांति और पवित्रता हर श्रद्धालु के मन को शांति और आनंद की अनुभूति कराती है। इस पवित्र स्थल का दर्शन हर व्यक्ति के जीवन में एक महत्वपूर्ण अनुभव है, जो उसे आत्मिक उन्नति और भगवान शिव की कृपा का अनुभव कराता है
ॐ नमः शिवाय
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