संयुक्त किसान संगठन एवं सामाजिक संस्थाओं द्वारा कॉरिडोर बनाने की मांग को लेकर जिलाधिकारी को दिया ज्ञापन
मथुरा। वृंदावन में बिहारीजी कोरिडोर के पक्ष में अब सामाजिक संगठन खुलकर सामने आ रहे हैँ। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए कोरिडोर को आवश्य बताते हुए निर्माण की मांग कर रहे हैँ। शुक्रवार को दर्जन भर संगठनों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को वृंदावन में कोरिडोर बनाए जाने की मांग को लेकर ज्ञापन दिए।
जिलाधिकारी कार्यालय पर बांके बिहारी कॉरिडोर के समर्थन में संयुक्त किसान संगठन के बैनर तले भाकियू टिकैत, भाकियू सुनील, कियू अजय, भाकियू अराजनैतिक, भाकियू चौ चरणसिंह के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी से मुलाकात की।
इनके आलावा सामाजिक संगठनों में महाराजा सूरजमल स्मृति न्यास, शहीद भगत सिंह संगठन, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति, अखिल भारतीय प्रधान संगठन आदि के जिला मंडल एवं राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों द्वारा जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। सभी के स्तर पर कॉरिडोर बनवाने की मांग की।
मुख्यमंत्री के नाम दिए ज्ञापन में प्रतिनिधि मंडलों में शामिल पदाधिकारियों ने कहा कि ब्रह्मांड नायक योगिराज भगवान श्री कृष्ण की जन्म एवं क्रीड़ा स्थली ब्रजभूमि में करोड़ों देश विदेश एवं स्थानीय श्रद्धालुओं की आस्था है। आज अपने आराध्य की झलक मात्र पाने के लिए यहां करोड़ों श्रद्धालुओ को अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ना चुका है। भीड़ का दबाव और सकरा रास्ता श्रद्धालुओं का हाल बेहाल कर देता है। आए दिन श्रद्धालु बेहोश होकर गिरते हैँ। महिला और बुजुर्ग की हालत दर्शन की लम्बी कतार में खराब हो जाती है। इस स्थितियों से निजात दिलाने सहित अन्य सुविधाओं के लिए कोरिडोर की अत्यंत आवश्यकता है। पदाधिकारियों ने कहा कि
वर्तमान समय की मांग एवं जनभावनाओं के अनुसार वृहद कॉरिडोर का निर्माण कराया जाना अवश्यंभावी हो गया है। उप्र सरकार द्वारा इस क्रम में उठाया जा रहा कॉरिडोर निर्माण का संकल्प अद्वितीय और अतुलनीय है। पदाधिकारियों ने ज्ञापन में कहा है कि
ऐतिहासिक प्रमाण उपलब्ध हैं कि श्री बांकेबिहारी मंदिर की स्थापना 1863 में भरतपुर के राजा रतन सिंह ( महाराजा सूरजमल के वंशज ) द्वारा कराई गई थी। मंदिर हेतु राजा रतनसिंह ने अपने हास-परिहास बगीचे को दान दिया था।
इतिहासकारों के अनुसार मंदिर निर्माण के बाद ठाकुर जी की सेवा में लगे सेवायतों ने इसी बगीचे में अपने घर बना लिए। इस बगीचे में चार कुआं भी हुआ करते थे, जिसमें कुछ के अवशेष आज भी मौजूद हैं। पदाधिकारियों ने कहा कि
कॉरिडोर निर्माण से समूचे ब्रज क्षेत्र के धार्मिक/आध्यात्मिक पर्यटन, व्यापार को नए पंख प्राप्त होंगे वहीं न केवल मथुरा वृंदावन वरन दिल्ली एनसीआर और आसपास के जनपदों में लाखों लोगों को रोजगार प्राप्त होगा।
ज्ञापन देने वालों में किसान नेता बुद्धा सिंह प्रधान, राजकुमार तोमर, भरत अग्रवाल, डॉ प्रवीण भास्कर एड., विपिन कुमार, डॉ नरेंद्र चौधरी, डॉ नत्थी सिंह तोमर, चौ बलवीर सिंह, चौ विनोद कुमार, सोनवीर चौ, समाजसेवी चौ विजय आर्य, हितेंद्र सिंह चौधरी, आरबी चौधरी, वेदपाल सिंह तोमर, चौ पुष्पेंद्र सिंह बघेल, गजेन्द्र सिंह, बीके चौधरी, जगदीश चौधरी, दिलीप कुमार, सूरजमल, पूरन सिंह, दिलीप कुमार,ओंकार सिंह, भगवान सिंह, देवेंद्र कुमार रघुवंशी, चौ कन्हैया सिकरवार, सुभाष चौधरी,दिनेश कुमार फौजी, सूबेदार सिंह, उमेश, चंद्रभान आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।