जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने किया जिला कारागार का निरीक्षण

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मथुरा। उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ तथा माननीय जनपद न्यायाधीश, मथुरा राजीव भारती के निर्देशानुसार 25 मई को मध्यान्ह 12.00 बजे से जिला कारागार, मथुरा का निरीक्षण सोनिका वर्मा, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मथुरा द्वारा किया गया। इस अवसर पर जिला कारागार मथुरा के अधीक्षक ब्रजेश कुमार, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डा. उपेंद्र सोलंकी, डिप्टी जेलर संदीप कुमार व अनूप कुमार व जेल बंदी पराविधिक स्वयसेवकगण आदि उपस्थित रहे।

जिला कारागार मथुरा में निरीक्षण दौरान कुल 1744 बंदी निरूद्ध होना पाया गया।
जिला कारागार चिकित्सालय के निरीक्षण दौरान पाया गया कि इस चिकित्सालय में 56 बंदी मरीजों का ईलाज किया जा रहा है, जिन्हें 03 अलग-अलग बैरकों में रखा गया है। सभी बंदी मरीजों से पृथक-पृथक वार्ता की गई व सभी के स्वास्थ व ईलाज के बारे में चिकित्सक से जानकारी ली गई। भीषण गर्मी से बचने हेतु इस चिकित्सालय में बंदी मरीजों के लिए कूलर व पंखे लगे हुए पाये गये, जोकि चालू अवस्था में थे। मनोरंजन हेतु एक टी.वी. लगा है, स्वच्छ पानी हेतु एक आर.ओ. लगा पाया गया। बंदी मरीजों की समस्याओं को सुना गया तथा उनके निराकरण हेतु जेल चिकित्सक व जेल प्रशासन को आवश्यक दिशानिर्देश दिये गये।

पाकशाला (रसोई घर) का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण दौरान कुछ बंदी सायं का भोजन बनाने की तैयारी कर रहे थे। एक बड़ी मशीन द्वारा रोटियां सेकी जा रही थी। पाकशाला में साफ-सफाई पाई गई। महिला एवं पुरूष बंदियों को आज प्रातः नाश्ते में चाय, दलिया व गुड़ तथा दोपहर के भोजन में उर्द छिलका की दाल, आलू ककड़ी की सब्जी व रोटी दी गई है। सांयकाल के भोजन में रोटी, चना की दाल, आलू बैगन की सब्जी दी जायेगी। पाकशाला में दाल पकाने की तथा चावल वॉयल करने की नवीन मशीनें रखी पाई गई।

महिला बैरक के निरीक्षण में पाया कि इस बैरक में 73 महिला बंदी निरुद्ध हैं। कुछ महिला बंदी के साथ उनके 05 बच्चे भी रह रहे हैं। महिला बैरक में नया वाटर कूलर लगाया गया है। महिला बैरक के पास बनी पाठशाला में महिला बंदियों के साथ रह रहे बच्चे पढ़ते हैं, जिन्हें महिला बंदी द्वारा पढ़ाया जाता है।

पेयजल हेतु जेल में एक बड़ा आर.ओ. प्लांट लगा है। जेल में जगह जगह पीने के पानी के घड़े रखे हैं व बैरकों में आर.ओ. लगे हैं।

निरीक्षण दौरान उपस्थित पुरुष व महिला बंदियों से निशुल्क विधिक सहायता हेतु अधिवक्ता के सम्बंध में जानकारी ली गई, बदियों द्वारा बताया गया कि सभी के पास उनके व्यक्तिगत / सरकारी अधिवक्ता मौजूद हैं बंदियों द्वारा खाने-पीने की कोई समस्या होना नहीं बताया गया। जिला कारागार में साफ-सफाई पाई गई।

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