–स्वास्थ्य विभाग ने अभी से निगेहवानी शुरू करायी
- सीएमओ डॉ रचना गुप्ता ने स्वयं गर्भवती माताओं से मुलाकात की और उन्हें सुझाव दिए
-मथुरा जनपद की स्वास्थ्य इकाइयों पर मातृत्व दिवस पर सरकारी एंबुलेंस से घर-घर से बुलाईं गई गर्भवती महिलाएं
मथुरा। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस मथुरा की 23 स्वास्थ्य इकाइयों पर मनाया गया। चेकअप के लिए आयीं गर्भवती महिलाओ की एचआईवी, अल्ट्रासाउंड और कोविड -19 और स्वास्थ्य की जांच की गई।
ये चेकअप 8 नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 11 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 2 जिला स्वास्थ्य इकाई एवं 2 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर हुआ। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर आज 148 वे गर्भवती महिलाएं चिन्हित की गई जिनको प्रसव के दौरान काफी जोखिम रहेगा। उन पर स्वास्थ्य विभाग ने अभी से निगाह रखना शुरू कर दिया है।
सीएमओ डॉ रचना गुप्ता ने स्वयं कई केंद्रों का दौरा किया और गर्भवती महिलाओं को की बात समझी और उन्हें स्वस्थ रहने के उपाय बताएं।मथुरा के इन स्वास्थ्य केन्द्र पर एमबीबीएस डॉक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट सर्जन द्वारा गर्भवती महिलाओं का चेक अप किया गया। इनमें से द्वितीय व तृतीय तिमाही में प्रथम बार प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में आई गर्भवती माताओं की काफी संख्या थी। ज्यादा जोखिम वाली गर्भवती महिलाएं चिन्हित की गई।
इन गर्भवती महिलाओं की यूरिन, हीमोग्लोविन, शुगर, सिफिलस, वजन, ब्लड प्रेशर, ब्लड ग्रुप की जाँच की गयी। एक दर्जन उच्च जोखिम गर्भावस्था ( एचआरपी ) वाली महिलाओं को चिह्नित की गयी।
महिला रोग विशेषज्ञों ने हर गर्भवती को गर्भावस्था में अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी। गर्भावस्था के दौरान आम दिनों की अपेक्षा रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, इसलिए वह कोविड-19 के संक्रमण से बचने के लिए घर पर रहकर अपने स्वास्थ्य का खास ख्याल रखें।
गर्भवती को विटामिन व आयरन की गोलियां भी वितरण की गई | इसके अलावा गर्भावस्था के दौरान नींद भरपूर मात्रा मे लेने की सलाह दी गयी।
सुरक्षित मातृत्व दिवस पर पहली बार ऐप का उपयोग
मथुरा। आज मंगलवार 9 फरवरी को लगे सुरक्षित मातृत्व दिवस पर पहली बार ओडीके एप का उपयोग किया गया। इस एप से सभी 23 केंद्रों पर हुई जांच के बारे में संपूर्ण ब्यौरा फीड किया गया। उच्च जोखिम वाली गर्भवती माताओं से बातचीत भी की गई।
गर्भवती फर्स्ट रेफरल यूनिट की जानकारी भी अवश्य रखें
मथुरा। एनएचएम की डीसीपीएम पारुल शर्मा ने बताया कि जिस गर्भवती ने अभी जांच नहीं कराई है। वह जांच कराकर दवा ले लें । गर्भवस्था के दौरान गर्भवती को फर्स्ट रेफरल यूनिट की जानकारी भी अवश्य रखनी चाहिए। सीएचसी पर डॉक्टर या आशा से सम्पर्क करें। खुद को फिट रखने के लिए व्यायाम करें खान- पान पर विशेष ध्यान दें। हरी सव्जी फल दूध का सेवन करें, ज़्यादा से ज़्यादा पानी पिए।
दूसरे और तीसरे माह के गर्भ की जांच जरूरी
मथुरा। हर गर्भवती को गर्भ के तीसरे और चौथे माह में अपने स्वास्थ्य की जांच कराए और आठवें – नौवें माह में अस्पताल जाकर अपनी जाँच कराएं।
